न्यूज 11 भारत / बिहार डेस्क
पटना - बिहार की राजनीति में नई हलचल के बीच निशांत कुमार की “सद्भाव यात्रा” रविवार से शुरू हुई। हाजीपुर और वैशाली में कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों ने उनका भव्य स्वागत किया। महिलाओं ने पारंपरिक तरीके से अभिनंदन कर शुभकामनाएं दीं, वहीं जेसीबी से फूल बरसाकर इस आयोजन को खास बना दिया गया। यात्रा के दौरान बड़ी संख्या में समर्थकों की मौजूदगी ने इसे शक्ति प्रदर्शन का रूप दे दिया।
हाईलाइट्स -
- निशांत कुमार ने “सद्भाव यात्रा” की शुरुआत की
- हाजीपुर-वैशाली में कार्यकर्ताओं और महिलाओं ने किया भव्य स्वागत
- नीतीश कुमार से आशीर्वाद लेकर निकले निशांत
- कई जदयू नेताओं की मौजूदगी, शक्ति प्रदर्शन के तौर पर देखा जा रहा आयोजन
- चंपारण से शुरुआत, राजनीतिक संकेतों के रूप में चर्चा तेज
पिता से आशीर्वाद, नेताओं की मौजूदगी और संदेश
यात्रा शुरू करने से पहले निशांत ने नीतीश कुमार से आशीर्वाद लिया और फिर पार्टी कार्यालय पहुंचकर कार्यक्रम की औपचारिक शुरुआत की। इस दौरान वैशाली विधायक सिद्धार्थ पटेल, राजापाकर विधायक महेंद्र राम, मंत्री श्रवण कुमार और जदयू प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा समेत कई नेता मौजूद रहे। निशांत ने “सबको साथ लेकर चलने” के उद्देश्य से इस पहल को ‘सद्भाव यात्रा’ नाम दिया।

चंपारण से शुरुआत के मायने और राजनीतिक संकेत
यात्रा की शुरुआत पश्चिमी चंपारण से करना प्रतीकात्मक रूप से अहम माना जा रहा है, क्योंकि यह क्षेत्र महात्मा गांधी की कर्मभूमि रहा है और नीतीश कुमार की कई यात्राओं की भी शुरुआत यहीं से होती रही है। इस यात्रा को निशांत कुमार के सार्वजनिक जीवन में सक्रिय भूमिका की शुरुआत के तौर पर देखा जा रहा है, जो आगे चलकर बिहार की राजनीति में नए समीकरण और संकेत दे सकती है।
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