पटना में हाई अलर्ट: इस्तीफे से पहले लोक भवन और सीएम हाउस की सुरक्षा कड़ी

पटना में हाई अलर्ट: इस्तीफे से पहले लोक भवन और सीएम हाउस की सुरक्षा कड़ी

पटना में मुख्यमंत्री के इस्तीफे से पहले सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह हाई अलर्ट पर है। नीतीश कुमार कभी भी लोक भवन पहुंचकर अपना इस्तीफा सौंप सकते हैं।

पटना में हाई अलर्ट इस्तीफे से पहले लोक भवन और सीएम हाउस की सुरक्षा कड़ी

इस्तीफे से पहले लोक भवन और सीएम हाउस की सुरक्षा कड़ी |

न्यूज 11 भारत / बिहार डेस्क 

पटना -  पटना में मुख्यमंत्री आवास और लोक भवन के आसपास सुरक्षा व्यवस्था को अचानक सख्त कर दिया गया है। सूत्रों के मुताबिक, मुख्यमंत्री किसी भी वक्त लोक भवन के लिए रवाना हो सकते हैं, जहां वे अपने पद से इस्तीफा सौंपेंगे। मुख्यमंत्री आवास के बाहर सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह अलर्ट मोड में हैं। हर आने-जाने वाले पर नजर रखी जा रही है और इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है।

हाईलाइट्स:

  • सीएम हाउस और लोक भवन के बाहर सुरक्षा कड़ी
  • कभी भी लोक भवन पहुंच सकते हैं मुख्यमंत्री
  • इस्तीफा देने की पूरी तैयारी, बढ़ी सियासी हलचल
  • भारी संख्या में पुलिस बल और अधिकारी तैनात
  • IPS और SDPO स्तर के अधिकारी मौके पर मौजूद

लोक भवन के लिए कभी भी निकल सकते हैं सीएम

सूत्रों का कहना है कि मुख्यमंत्री थोड़ी ही देर में लोक भवन पहुंच सकते हैं। इसको देखते हुए वहां भी सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। पूरे इलाके में बड़ी संख्या में सुरक्षाबलों को लगाया गया है। सुरक्षा घेरा इतना मजबूत कर दिया गया है कि बिना अनुमति किसी की एंट्री संभव नहीं है।

सीनियर अधिकारियों ने संभाला मोर्चा

कई आईपीएस और एसडीपीओ रैंक के अधिकारी खुद मौके पर मौजूद हैं और सुरक्षा व्यवस्था की कमान संभाल रहे हैं, ताकि किसी भी तरह की स्थिति से तुरंत निपटा जा सके। कुल मिलाकर, मुख्यमंत्री के इस्तीफे से पहले पटना में सियासी हलचल के साथ-साथ सुरक्षा व्यवस्था भी चरम पर पहुंच गई है। 

एनडीए की सरकार गठन की तैयारी

एनडीए विधायक दल की बैठक के बाद राज्यपाल के समक्ष सरकार गठन का दावा पेश किया जाएगा। इसके बाद राज्यपाल की मंजूरी मिलने पर नई सरकार को शपथ ग्रहण के लिए आमंत्रित किया जाएगा।

15 अप्रैल को शपथ ग्रहण की संभावना

सूत्रों के अनुसार, बिहार में नई सरकार का शपथ ग्रहण 15 अप्रैल को पटना स्थित राजभवन में हो सकता है। इसमें मुख्यमंत्री के साथ उपमुख्यमंत्री और कई मंत्रियों के शपथ लेने की संभावना है।

राजनीतिक समीकरण और आगे की दिशा

इस पूरे घटनाक्रम को बिहार की राजनीति में बड़ा बदलाव माना जा रहा है। एनडीए के सहयोगी दलों की भूमिका, नेतृत्व चयन और मंत्रिमंडल के स्वरूप को लेकर लगातार मंथन जारी है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि आने वाले 24 घंटे राज्य की सत्ता का भविष्य तय कर सकते हैं।

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