न्यूज 11 भारत / बिहार डेस्क
पटना : बिहार की राजनीति में 14 अप्रैल का दिन बेहद अहम माना जा रहा है। दिनभर चलने वाली बैठकों और राजनीतिक हलचलों के बीच राज्य में नई सरकार गठन की प्रक्रिया निर्णायक मोड़ पर पहुंच सकती है।
सुबह 11 बजे कैबिनेट की अंतिम बैठक
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में सुबह 11 बजे कैबिनेट की अहम बैठक बुलाई गई है। माना जा रहा है कि यह मौजूदा सरकार की अंतिम कैबिनेट बैठक हो सकती है। इसमें कई महत्वपूर्ण फैसलों के साथ मुख्यमंत्री के इस्तीफे की औपचारिक प्रक्रिया भी सामने आ सकती है।
अंबेडकर जयंती कार्यक्रम में शामिल होंगे सीएम
कैबिनेट बैठक से पहले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पटना हाईकोर्ट के सामने स्थित डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण करेंगे और अंबेडकर जयंती कार्यक्रम में शामिल होंगे। इसके बाद वे मुख्य सचिवालय पहुंचकर बैठक में भाग लेंगे और फिर सामूहिक फोटोग्राफी कार्यक्रम में भी शामिल होंगे।
दोपहर 2 बजे जदयू विधायक दल की बैठक
दोपहर 2 बजे मुख्यमंत्री आवास पर जदयू विधायक दल की बैठक बुलाई गई है। इस बैठक में नीतीश कुमार के इस्तीफे से जुड़े फैसले और आगे की रणनीति पर चर्चा होगी। साथ ही राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि संभावित नेतृत्व परिवर्तन और संगठनात्मक फैसलों पर भी मंथन हो सकता है।
दोपहर 3 बजे भाजपा विधायक दल की बैठक
दोपहर 3 बजे भाजपा विधायक दल की अहम बैठक होगी। इसमें केंद्रीय नेतृत्व की ओर से नए मुख्यमंत्री के नाम पर फैसला लिए जाने की संभावना है। इस बैठक को लेकर राजनीतिक हलचल तेज है।इसके बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार दोपहर 3:10 बजे राजभवन पहुंचकर राज्यपाल से मुलाकात करेंगे और अपना इस्तीफा सौंप सकते हैं। इसके तुरंत बाद वे अपने आवास लौट जाएंगे।
शाम 4 बजे एनडीए विधायक दल की बैठक
शाम 4 बजे विधानसभा के सेंट्रल हॉल में एनडीए विधायक दल की संयुक्त बैठक होगी। इस बैठक में नए नेता का औपचारिक चयन किया जाएगा और सरकार गठन का दावा पेश करने की रणनीति तय होगी। इस बैठक में जीतन राम मांझी पहले ही पटना पहुंच चुके हैं, जबकि चिराग पासवान और उपरेंद्र कुशवाहा की मौजूदगी भी तय मानी जा रही है।
एनडीए की सरकार गठन की तैयारी
एनडीए विधायक दल की बैठक के बाद राज्यपाल के समक्ष सरकार गठन का दावा पेश किया जाएगा। इसके बाद राज्यपाल की मंजूरी मिलने पर नई सरकार को शपथ ग्रहण के लिए आमंत्रित किया जाएगा।
15 अप्रैल को शपथ ग्रहण की संभावना
सूत्रों के अनुसार, बिहार में नई सरकार का शपथ ग्रहण 15 अप्रैल को पटना स्थित राजभवन में हो सकता है। इसमें मुख्यमंत्री के साथ उपमुख्यमंत्री और कई मंत्रियों के शपथ लेने की संभावना है।
राजनीतिक समीकरण और आगे की दिशा
इस पूरे घटनाक्रम को बिहार की राजनीति में बड़ा बदलाव माना जा रहा है। एनडीए के सहयोगी दलों की भूमिका, नेतृत्व चयन और मंत्रिमंडल के स्वरूप को लेकर लगातार मंथन जारी है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि आने वाले 24 घंटे राज्य की सत्ता का भविष्य तय कर सकते हैं।
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