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रांची/डेस्क: झारखंड के कृषि परिदृश्य को बदलने और राज्य के किसानों को आधुनिक तकनीक से लैस करने के उद्देश्य से सरकार एक महत्वाकांक्षी पहल करने जा रही है. राज्य में पहली बार आयोजित होने वाले तीन दिवसीय 'राज्यस्तरीय कृषि मेले' की कमान संभालते हुए कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया है. 16, 17 और 18 जून को आयोजित होने वाले इस भव्य मेले का उद्घाटन मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन करेंगे.
मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने ली समीक्षा बैठक
मेले की रूपरेखा तैयार करने और तैयारियों की समीक्षा के लिए मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने विभागीय सचिव और निदेशक के साथ उच्च स्तरीय बैठक की. बैठक के दौरान उन्होंने स्पष्ट किया कि यह आयोजन केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि राज्य के किसानों के जीवन में वास्तविक बदलाव लाने का एक जरिया बनेगा. मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि मेले में आने वाले प्रत्येक किसान को नई तकनीकों और सरकारी योजनाओं का लाभ मिले, यह सुनिश्चित किया जाए.
किसानों को मिलेगा विशेषज्ञों का मार्गदर्शन
मंत्री शिल्पी नेहा提र्की के अनुसार, इस मेले में देश भर के 50 से अधिक कृषि वैज्ञानिक, शोधकर्ता और विशेषज्ञ शामिल होंगे. उन्होंने कहा कि: "झारखंड का किसान मेहनती है, लेकिन उसे आधुनिक युग के अनुरूप तकनीक और नवाचार की जरूरत है. यह मंच हमारे किसानों को बेहतर उत्पादन, उन्नत फसल प्रबंधन और कृषि आधारित रोजगार के नए अवसरों से जोड़ने का काम करेगा."
उद्यमिता और निवेश पर रहेगा विशेष जोर
इस कृषि मेले की खासियत यह है कि यह केवल खेती तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि कृषि उद्यमियों और व्यापारियों के लिए भी एक बड़ा मंच साबित होगा. मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि कृषि को अब केवल आजीविका का साधन न रखकर, इसे लाभप्रद व्यवसाय के रूप में विकसित करना सरकार की प्राथमिकता है. मेले में अत्याधुनिक कृषि उपकरणों और अन्य राज्यों में सफल हो रही कृषि पद्धतियों का प्रदर्शन किया जाएगा, ताकि झारखंड के किसान उन नवाचारों को अपने खेतों में अपना सकें.
ज्ञान के साथ मनोरंजन: प्रतिदिन होंगे रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम
मेले को केवल किसानों तक सीमित न रखकर आम जनमानस से जोड़ने के लिए भी विशेष रणनीति बनाई गई है. कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने बताया कि मेले में आने वाले आम लोगों को ध्यान में रखकर प्रतिदिन शाम को भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा. इन कार्यक्रमों के माध्यम से लोग झारखंड की समृद्ध और जीवंत संस्कृति एवं लोक कलाओं का आनंद ले सकेंगे. मंत्री ने कहा कि इस दोहरे प्रयास से जहां लोग मनोरंजन के साथ-साथ कृषि के क्षेत्र में हो रहे नए नवाचारों और शोधों के प्रति जागरूक होंगे, वहीं शहरी आबादी का जुड़ाव भी कृषि क्षेत्र से बढ़ेगा.
कृषि को नई दिशा देने की पहल
कृषि विभाग का मानना है कि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की के नेतृत्व में आयोजित होने वाला यह मेला राज्य में कृषि निवेश के नए द्वार खोलेगा. इस आयोजन से न केवल उत्पादन में वृद्धि होगी, बल्कि राज्य में कृषि क्षेत्र के प्रति युवाओं का आकर्षण भी बढ़ेगा. विभाग के अनुसार, मेले के दौरान किसानों के लिए विशेष कार्यशालाएं आयोजित की जाएंगी, जहां वे सीधे विशेषज्ञों से संवाद कर अपनी समस्याओं का समाधान पा सकेंगे. 16 से 18 जून तक चलने वाले इस कार्यक्रम को लेकर किसानों, आम जनता और कृषि से जुड़े हितधारकों में भारी उत्साह देखा जा रहा है.