न्यूज 11 भारत / बिहार डेस्क
पटना - दिल्ली में बिहार के खगड़िया निवासी युवक पांडव कुमार की गोली मारकर हत्या के मामले ने अब सियासी रंग ले लिया है। केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी के एक बयान ने इस पूरे घटनाक्रम को और गरमा दिया है। मांझी ने मीडिया से बातचीत में कहा— “मार दिया तो मार दिया, कौन-सी बड़ी बात है?” यह बयान सामने आते ही बिहार की राजनीति में तूफान खड़ा हो गया। विपक्ष ने इसे बेहद असंवेदनशील बताते हुए केंद्रीय मंत्री से माफी की मांग की है, वहीं सत्ता पक्ष भी इस बयान से दूरी बनाता नजर आ रहा है।
हाईलाइट्स -
- दिल्ली में बिहारी युवक पांडव कुमार की गोली मारकर हत्या
- केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी के बयान “मार दिया तो मार दिया” पर विवाद
- बयान के बाद बिहार की सियासत गरम, विपक्ष हमलावर
- तेजस्वी यादव समेत विपक्षी नेताओं ने माफी की मांग की
- भाजपा ने बयान से बनाई दूरी, संवेदनशीलता बरतने की बात कही
- घटना को लेकर कानून-व्यवस्था और पलायन पर भी सियासत तेज
- मृतक परिवार ने न्याय की लगाई गुहार
- बिहार सरकार ने कुल 8 लाख रुपये मुआवजे का किया ऐलान
विपक्ष का हमला तेज
आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने मांझी के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए सरकार से जवाब मांगा है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि ऐसे बयानों से सरकार की संवेदनहीनता उजागर होती है। बिहार कांग्रेस के प्रवक्ता डॉ. स्नेहाशीष वर्धन ने भी बयान की आलोचना करते हुए कहा कि इससे हर बिहारी का सिर शर्म से झुक गया है और मांझी को पीड़ित परिवार के लिए न्याय की आवाज उठानी चाहिए थी।
भाजपा ने भी जताई असहमति
भाजपा प्रवक्ता पीयूष शर्मा ने कहा कि यह दुख और संवेदना का समय है, न कि राजनीतिक बयानबाजी का। उन्होंने पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने और दोषियों पर सख्त कार्रवाई का भरोसा दिया।
पलायन और कानून व्यवस्था पर सियासत
इस घटना के बहाने विपक्ष ने बिहार में पलायन, बेरोजगारी और कानून-व्यवस्था के मुद्दे को भी उठाया है। आरोप लगाया गया कि लंबे समय से सत्ता में रहने के बावजूद राज्य में न रोजगार बढ़ा और न ही अपराध पर नियंत्रण हो पाया। आरजेडी ने कहा कि बिहार में अपराधियों का मनोबल बढ़ा हुआ है और सरकार का इकबाल खत्म हो चुका है।
परिवार की इंसाफ की गुहार
एक तरफ जहां परिवार बेटे की मौत से सदमे में है, वहीं नेताओं के बयानों से जनभावना और भड़क गई है। परिवार लगातार न्याय की मांग कर रहा है।
सरकार का मुआवजा ऐलान
बिहार सरकार ने इस मामले में बड़ा फैसला लेते हुए मृतक के परिजनों को कुल 8 लाख रुपये की सहायता देने का ऐलान किया है।
- श्रम संसाधन विभाग की ओर से ₹4 लाख
- मुख्यमंत्री राहत कोष से ₹4 लाख
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने घटना पर गहरा शोक जताते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया है।

क्या मांझी देंगे सफाई?
अब इस पूरे विवाद के बीच सबसे बड़ा सवाल यही है कि जीतन राम मांझी अपने बयान पर सफाई देते हैं या नहीं। फिलहाल, इस बयान ने बिहार की राजनीति में नई बहस और बड़ा सियासी बवाल खड़ा कर दिया है।
इसे भी पढ़ें - मंगल पांडे की सीट पर BJP का फैसला, सूर्य कुमार शर्मा को उतारा मैदान में