न्यूज 11 भारत / बिहार डेस्क
पटना - केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने कॉमन स्कूलिंग सिस्टम को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि देश में सभी बच्चों को एक समान शिक्षा मिलनी चाहिए, ताकि समाज में बराबरी का माहौल बन सके और हर वर्ग के बच्चों को आगे बढ़ने का अवसर मिले।
हाईलाइट्स:
- जीतन राम मांझी ने कॉमन स्कूलिंग सिस्टम लागू करने की उठाई मांग
- गरीब और अमीर बच्चों के लिए समान शिक्षा व्यवस्था की वकालत
- भीमराव आंबेडकर के विचारों का किया उल्लेख
- शराबबंदी पर सम्राट चौधरी से जताई उम्मीद
- तेजस्वी यादव के बयान को बताया राजनीतिक
- महिला आरक्षण बिल पर कांग्रेस की सोच पर उठाए सवाल
कॉमन स्कूलिंग सिस्टम की जरुरत पर जोर
मांझी ने कहा कि कॉमन स्कूलिंग सिस्टम का मतलब है कि गरीब और अमीर सभी के बच्चे एक ही तरह की शिक्षा प्राप्त करें। उन्होंने भीमराव आंबेडकर का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने भी शिक्षा में समानता की बात कही थी। मांझी के अनुसार, नेपाल और फ्रांस जैसे कई देशों में यह व्यवस्था लागू है, लेकिन भारत में इसकी कमी के कारण बच्चों का समुचित विकास नहीं हो पा रहा है।
शराबबंदी पर सम्राट चौधरी से उम्मीद
शराबबंदी के मुद्दे पर मांझी ने कहा कि सम्राट चौधरी को अभी मुख्यमंत्री बने ज्यादा समय नहीं हुआ है। उन्होंने उम्मीद जताई कि मुख्यमंत्री इस मुद्दे की गंभीरता को समझते हुए जल्द ही जरूरी कदम उठाएंगे।
तेजस्वी यादव के बयान पर पलटवार
एनडीए में उनकी बात नहीं सुने जाने के तेजस्वी यादव के बयान पर मांझी ने कहा कि तेजस्वी कुछ भी कह सकते हैं। उन्होंने कहा कि राजनीतिक बयानबाजी में इस तरह की बातें होती रहती हैं और इसे ज्यादा महत्व देने की जरूरत नहीं है।
महिला आरक्षण बिल पर कांग्रेस पर निशाना
महिला आरक्षण बिल को लेकर मांझी ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की सोच में खामी है और वह इस मुद्दे पर भ्रम फैलाने की कोशिश कर रही है। मांझी ने कहा कि एनडीए सरकार महिलाओं को उनका अधिकार देने के लिए प्रतिबद्ध है और इस दिशा में सही तरीके से काम किया जाएगा।
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