न्यूज 11 भारत / बिहार डेस्क
अविनाश श्रीवास्तव / सासाराम - सासाराम से बड़ी राजनीतिक खबर सामने आई है। राष्ट्रीय लोक मोर्चा के सुप्रीमो और राज्यसभा सांसद Upendra Kushwaha ने संसद में परिसीमन और महिला आरक्षण बिल पारित नहीं होने को लेकर विपक्षी दलों पर तीखा हमला बोला है।
हाइलाइट्स:
- उपेंद्र कुशवाहा का विपक्ष पर बड़ा हमला
- महिला आरक्षण को लेकर कांग्रेस व महागठबंधन पर आरोप
- परिसीमन से सीट बढ़ने और महिलाओं को लाभ मिलने का दावा
- 22 अप्रैल को पूरे बिहार में धिक्कार मार्च
महिलाओं के साथ ‘छल’ का आरोप
उन्होंने कांग्रेस और महागठबंधन के दलों पर आरोप लगाते हुए कहा कि इन पार्टियों ने मिलकर देश और बिहार की महिलाओं के साथ “छल” किया है। उनका कहना था कि विपक्ष नहीं चाहता कि महिलाओं को पर्याप्त राजनीतिक प्रतिनिधित्व मिले और इसका परिणाम उन्हें भुगतना पड़ेगा।
परिसीमन पर पार्टी का पुराना संघर्ष
उपेंद्र कुशवाहा ने कहा कि उनकी पार्टी लंबे समय से परिसीमन के मुद्दे पर संघर्ष कर रही है। उन्होंने बताया कि यदि यह बिल पास हो जाता, तो बिहार में लोकसभा सीटों की संख्या 40 से बढ़कर 60 हो सकती थी, जबकि विधानसभा सीटें 243 से बढ़कर 365 तक पहुंच जातीं। उन्होंने कहा कि परिसीमन लागू होने से महिलाओं को अधिक से अधिक प्रतिनिधित्व मिलता, लेकिन विपक्षी दल इस दिशा में गंभीर नहीं हैं और महिलाओं के हितों की अनदेखी कर रहे हैं।
22 अप्रैल को धिक्कार मार्च का ऐलान
उपेंद्र कुशवाहा ने ऐलान किया कि राष्ट्रीय लोक मोर्चा 22 अप्रैल को बिहार के सभी जिला मुख्यालयों में “धिक्कार मार्च” निकालेगी। इस मार्च के जरिए कांग्रेस और राजद जैसी पार्टियों के खिलाफ विरोध जताया जाएगा और उनके “चरित्र का पर्दाफाश” किया जाएगा।
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