न्यूज 11 भारत / बिहार डेस्क: बिहार की सियासत में सम्राट चौधरी के मुख्यमंत्री बनते ही प्रशांत किशोर की पार्टी 'जन सुराज' ने एक बड़ा सियासी बम फोड़ दिया है। नई सरकार को शुभकामनाएं देने के बजाय जन सुराज ने सम्राट चौधरी के कार्यकाल को लेकर ऐसी भविष्यवाणी की है, जिससे एनडीए खेमे में हलचल मच सकती है। पार्टी ने दावा किया है कि सम्राट चौधरी मुख्यमंत्री के तौर पर अपना 5 साल का कार्यकाल कभी पूरा नहीं कर पाएंगे।
"जेडीयू ही बनेगी सम्राट की विदाई का कारण"
जन सुराज के प्रवक्ता कुमार सौरभ सिंह ने सोशल मीडिया के जरिए नई सरकार पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने भविष्यवाणी करते हुए लिखा कि सम्राट चौधरी अगले 5 साल तक सीएम नहीं रहेंगे। उन्होंने एक बड़ा दावा यह भी किया कि जिस जेडीयू के सहारे यह सरकार खड़ी है, वही जेडीयू भविष्य में सम्राट चौधरी की सरकार को गिराने का काम करेगी। जन सुराज का मानना है कि बिहार सरकार का यह स्वरूप बहुत जल्द फिर से बदलेगा।
पोस्टरों से नीतीश गायब, 2026 तक राजनीति 'फिनिश'!
प्रशांत किशोर की पार्टी ने नीतीश कुमार की राजनीतिक विदाई का समय भी तय कर दिया है। प्रवक्ता ने तंज कसते हुए कहा कि जो नीतीश कुमार कल तक पोस्टरों में छाए रहते थे, वे अब धीरे-धीरे गायब हो रहे हैं। उन्होंने साफ शब्दों में कहा, "2026 में नीतीश कुमार फिनिश हो जाएंगे और 2030 तक जेडीयू का नामोनिशान मिट जाएगा।" वहीं, नीतीश कुमार द्वारा अपने बेटे को डिप्टी सीएम न बनाए जाने को उन्होंने 'मास्टरस्ट्रोक' के बजाय एक मजबूरी बताया।
मंत्रिमंडल विस्तार में देरी और 'खाली खजाने' पर घेरा
जन सुराज ने बिहार की आर्थिक स्थिति को लेकर भी सरकार को कटघरे में खड़ा किया। पार्टी के मुख्य आरोप इस प्रकार हैं:
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प्रवक्ता का दावा है कि राज्य में 10 लाख से ऊपर के भुगतान पर रोक लगी है, जिससे कर्मचारियों के वेतन पर आफत है।
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बहुमत होने के बावजूद मंत्री परिषद के गठन में देरी पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि अगले 20 दिन तक बिहार बिना कैबिनेट के रहेगा।
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पार्टी ने आरोप लगाया कि बिहार का विकास कभी भी दिल्ली और गुजरात के आकाओं की प्राथमिकता में नहीं रहा।
पदभार ग्रहण करते ही चुनौतियों का पहाड़
हालांकि, इन तमाम हमलों के बीच मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बुधवार को मुख्य सचिवालय स्थित मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) पहुंचकर औपचारिक रूप से पदभार संभाल लिया है। जहां एक तरफ सम्राट ने काम शुरू कर दिया है, वहीं जन सुराज के इन दावों ने यह साफ कर दिया है कि नई सरकार को सदन के अंदर से ज्यादा सदन के बाहर के हमलों और 'भविष्यवाणियों' से निपटना होगा।