अभिषेक राज/न्यूज़11 भारत
गयाजी/डेस्क: जिले के अतरी विधानसभा से विधायक रह चुके रंजीत यादव उर्फ अजय यादव आखिरकार मंगलवार को कोर्ट में सरेंडर कर गए. एससी-एसटी कोर्ट में पेशी के बाद उन्हें तुरंत न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया. वह फिलहाल 14 दिनों की जेल में रहेंगे. जिला पुलिस 10 नवंबर से लगातार उनकी तलाश में थी. इसी दिन चुनाव प्रचार के दौरान एक बड़ी मारपीट की घटना हुई थी. हर दिन पूर्व विधायक की गिरफ्तारी और सरेंडर की खबर उड़ रही थी.
घटना के दिन रंजीत यादव पर आरोप है कि उन्होंने अपने प्रतिद्वंदी हम पार्टी के प्रत्याशी रोमित कुमार के समर्थकों पर जानलेवा हमला कराया. हमले में दो कार्यकर्ता श्रवण मांझी और धीरज शर्मा गंभीर रूप से जख्मी हो गए थे. दोनों का इलाज मगध मेडिकल कॉलेज अस्पताल में चल रहा था. जख्मी श्रवण मांझी ने नीमचक बथानी थाने में केस दर्ज कराया था. इसी केस—कांड संख्या 217/25—के तहत रंजीत यादव को आरोपी बनाया गया. घटना के बाद हम पार्टी के संरक्षक व केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने पूरे मामले को लेकर कड़ा विरोध जताया था. उनका कहना था कि चुनाव प्रक्रिया के दौरान ऐसी घटनाएं लोकतंत्र के लिए शर्मनाक हैं.
परिवार का इतिहास भी कम विवादित नहीं रहा है. रंजीत यादव के पिता पूर्व विधायक राजेंद्र यादव पहले से ही सजायाफ्ता हैं और अभी भागलपुर जेल में बंद हैं. मतदान से ठीक पहले उन्हें गया जेल से भागलपुर शिफ्ट किया गया था. रंजीत यादव की मां कुंती देवी भी अत्री से विधायक रह चुकी हैं. वे भी सजायाफ्ता रहीं और बीमारी के दौरान जेल में ही उनका निधन हो गया था. वहीं, रंजीत यादव की तरफ से उनके वकील शकील अहमद खान ने बताया कि उनके मुवक्किल ने कानून की प्रक्रिया का सम्मान करते हुए कोर्ट में आत्मसमर्पण किया है. फिलहाल कोर्ट ने उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजा.
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