EXPLAINER : इस दिन इस्तीफा देंगे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार !

EXPLAINER : इस दिन इस्तीफा देंगे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार !

explainer  इस दिन इस्तीफा देंगे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार

राज्यसभा के लिए चुने जाने के बाद अब बिहार में चर्चा यह हो रही है कि आखिरकार मुख्यमंत्री नीतीश कुमार इस्तीफा कब देंगे. दरअसल बिहार से राज्यसभा के जो 5 सांसद है उनका कार्यकाल 9 अप्रैल को खत्म होगा. यानी मुख्यमंत्री 9 अप्रैल के बाद ही इस्तीफा देंगे लेकिन कब इसको लेकर कई तरह की चर्चा हो रही है.

हाईलाइट्स

  • मुख्यमंत्री नीतीश कुमार कब देंगे इस्तीफा
  • जदयू की पूरी कमान थामें रहेंगे नीतीश कुमार
  • चौथी बार जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनेंगे नीतीश कुमार
  • बिहार में बनेगा पहली बार बीजेपी का मुख्यमंत्री

न्यूज़11 भारत
पटना/डेस्क:
बिहार में अगले महीने यानी अप्रैल के महीने में बदल जाएगा मुख्यमंत्री का चेहरा. लगभग 20 साल तक बिहार का नेतृत्व करने वाले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अब केंद्र की राजनीति करेंगे. राज्यसभा के लिए चुने गए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अब बिहार की बागडोर बीजेपी के हवाले करने को तैयार हैं. सत्ता के गलियारे में चर्चा यह हो रही है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार इस्तीफा कब देंगे और बीजेपी की ओर से मुख्यमंत्री का चेहरा कौन होगा.

CM नीतीश कुमार ने दिया PM मोदी को धन्यवाद
देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 22 मार्च को बिहार दिवस के मौके पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और बिहार के सभी लोगों को शुभकामना संदेश भेजा है. प्रधानमंत्री ने लिखा बिहार दिवस, बिहार के समृद्धि इतिहास बिहार के सामर्थ्य और बिहार की परंपराओं का उत्सव मनाने का दिन है. पीएम नरेंद्र मोदी ने आगे लिखा कि यह भारत की सशक्त पहचान में बिहार के अमूल्य योगदान को याद करने का अवसर है. नरेंद्र मोदी ने कहा कि बिहार की धरती में प्राचीन काल से ही ज्ञान आध्यात्मिकता और नैतिक मूल्यों के माध्यम से समाज को समृद्ध किया है. इस धरा पर दिए गए भगवान बुद्ध के विचार आज भी वैश्विक चेतना का हिस्सा है और मानवता को मार्ग दिखा रहा है. पीएम ने आगे लिखा है कि बिहार की भूमि ने आचार्य चाणक्य जैसे महान कूटनीतिज्ञ का प्रभाव देखा जिन्होंने सम्राट चंद्रगुप्त मौर्य के साथ मिलकर एक सशक्त और संगठित भारत की नींव रखी. बिहार की यही विरासत आज भी भारत की सोच और दिशा को प्रेरित करती है.



प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा बिहार दिवस की शुभकामनाएं दिए जाने के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पीएम मोदी का धन्यवाद दिया. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने लिखा कि मैं आदरणीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी को बिहार दिवस के अवसर पर राज्य के प्रति स्नेहपूर्ण संदेश के लिए समस्त बिहार वासियों की ओर से हार्दिक धन्यवाद और आभार प्रकट करता हूं. नीतीश कुमार ने आगे लिखा कि यह हमारे लिए गर्व का विषय है कि आपने बिहार की समृद्धि विरासत संस्कृति और प्रगति के प्रयासों की सराहना की है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आगे लिखा कि केंद्र का पूरा सहयोग प्राप्त हो रहा है अब बिहार और अधिक विकसित होगा और देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हो जाएगा. मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार देश के प्रगति में अपना महत्वपूर्ण योगदान निभाएगा.

इसके अलावा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को यह भी लिखा कि, आपके मार्गदर्शन एवं सहयोग से बिहार के कर्मठ एवं प्रतिभाशाली लोग निश्चित रूप से राज्य और देश को नई ऊंचाइयों तक ले जाएंगे. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के इस लाइन में यह स्पष्ट है कि वह अब बीजेपी को बिहार की बागडोर सौंपने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं.



पहले विधान परिषद की सीट से  इस्तीफा देंगे नीतीश कुमार
उच्च सदन के सदस्य चुने जाने के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सबसे पहले बिहार विधान परिषद से इस्तीफा देंगे. आपको बता दें कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार विधानसभा से नहीं बल्कि विधान परिषद के सदस्य के रूप में मौजूद हैं. राज्यसभा के लिए चुने जाने के बाद शपथ ग्रहण के पहले वह विधान परिषद से इस्तीफा देंगे इसके बाद ही वह राज्यसभा के अंदर पद और गोपनीयता की शपथ लेंगे. राजनीतिक गलियारे में चर्चा यह है कि 19 अप्रैल तक चलने वाले संसद की कार्यवाही में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार 10 अप्रैल को राज्यसभा में पद और गोपनीयता की शपथ ले सकते हैं. यानी 9 अप्रैल को ही मुख्यमंत्री नीतीश कुमार विधान परिषद की सीट से अपना इस्तीफा दे सकते हैं. सूत्र से मिली जानकारी के अनुसार 10 अप्रैल को राज्यसभा में शपथ ग्रहण के बाद 16 अप्रैल को नीतीश कुमार मुख्यमंत्री पद से भी इस्तीफा दे सकते हैं.



कौन होगा मुख्यमंत्री का चेहरा
यह लगभग तय हो चुका है कि 30 साल के लंबे इंतजार के बाद बिहार में बीजेपी का अपना मुख्यमंत्री बनने जा रहा है. लेकिन बीजेपी की ओर से मुख्यमंत्री का चेहरा कौन होगा उसे लेकर कयासों का दौर जारी है. अपने समृद्धि यात्रा के चौथे चरण के दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कई बार सम्राट चौधरी के कंधे पर हाथ रखकर कहा कि अब आगे यही देखेंगे. इसे लेकर राजनीतिक गलियारे में चर्चा जोरों से हुई की क्या मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जनता को यह बताना चाह रहे हैं कि सम्राट चौधरी ही बिहार के अगले मुख्यमंत्री होने जा रहे हैं ? हालांकि मुख्यमंत्री कौन होगा यह बीजेपी का केंद्रीय नेतृत्व तय करेगा. लेकिन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जिस तरह से इशारा कर रहे थे उसे देखकर यह लगता है कि जदयू के लोग और खुद मुख्यमंत्री चाहते हैं कि सम्राट चौधरी ही बिहार की बागडोर संभाले. हालांकि पॉलिटिकल पंडित यह मानते हैं कि बीजेपी का यह ट्रैक रिकार्ड रहा है कि जिस नाम की चर्चा ज्यादा होती है, उसकी पतंग कट जाती है. बिहार में बीजेपी का मुख्यमंत्री कौन होगा इसे लेकर कई नाम हवा में तैर रहे हैं. जिसमें सबसे पहला नाम सम्राट चौधरी का है दूसरा नाम जनक राम तीसरा नाम नित्यानंद राय चौथा नाम प्रमोद चंद्रवंशी का है. इसके अलावा महिला मोर्चा की अध्यक्ष धर्मशिला गुप्ता का नाम भी इन दिनों चर्चा में है. अब केंद्रीय नेतृत्व किस मुख्यमंत्री के पद पर बिठाते हैं इसके विषय में सिर्फ नरेंद्र मोदी और अमित शाह और राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ ही तय करेंगे.



संघ और ABVP से जुड़ा कार्यकर्ता ही बनेगा CM
हाल के कुछ वर्षों की बात करें तो असम के हिमंता विस्वा सरमा को अपवाद के तौर पर देखा जा सकता है. लेकिन राजस्थान, मध्य प्रदेश, उड़ीसा, छत्तीसगढ़, उत्तराखंड, दिल्ली और हरियाणा जैसे राज्यों की बात करें तो वहां न सिर्फ राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कार्यकर्ता बल्कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद में काम कर चुके कार्यकर्ता ही मुख्यमंत्री बनाए गए हैं. ऐसे में बिहार में पहली बार अपना मुख्यमंत्री बनाने जा रही भाजपा यह जरूर चाहेगी कि संगठन में काम कर चुका व्यक्ति ही बिहार की बागडोर संभाले. ताकि केंद्रीय नेतृत्व बिहार में जो काम करना चाहता है उसमें किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न ना हो.



जेडीयू से होंगे दो उपमुख्यमंत्री ?
बिहार में वर्तमान में चल रहे एनडीए की सरकार में एक मुख्यमंत्री और दो डिप्टी सीएम कार्यरत हैं. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जो जदयू से आते हैं और दोनों डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा भारतीय जनता पार्टी के सदस्य हैं. अब बिहार में जब मुख्यमंत्री का चेहरा बदल रहा है ऐसे में यह माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री अगर बीजेपी का होगा तो डिप्टी सीएम के दो पद जदयू को मिलनी चाहिए. हालांकि जदयू के कुछ नेता यह चाहते हैं कि जदयू कोटे से सिर्फ एक डिप्टी सीएम हो और वह नाम हो मुख्यमंत्री के पुत्र निशांत कुमार का. इसके पीछे उनका  तर्क यह है कि निशांत कुमार के बराबर किसी जदयू के कार्यकर्ता को खड़ा करना उचित नहीं होगा. निशांत कुमार अगर अकेले डिप्टी सीएम रहेंगे तो उसका प्रभाव ज्यादा होगा.



बहरहाल अब कुछ ही दिनों की बात है. आने वाले 20 से 25 दिनों में न सिर्फ बिहार में मुख्यमंत्री का चेहरा बदल जाएगा. बल्कि 30 साल के लंबे इंतजार के बाद बिहार पर शासन करने वाली बीजेपी बिहार को किस दिशा में ले जाएगी यह भी देखना दिलचस्प होगा. क्योंकि माना जा रहा है कि बिहार में बदलते डेमोग्राफी को लेकर केंद्रीय नेतृत्व चिंतित है. इसके अलावा कई वजहों से बीजेपी कई काम को बिहार में करने से इसलिए हिचकती है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अपने रहते बीजेपी को उसे कार्य की करने की इजाजत नहीं देते थे. अब जब बीजेपी के पास सत्ता की पूरी डोर आ जाएगी तब यह भी देखना दिलचस्प होगा कि बिहार में तुष्टिकरण की राजनीति कर रहे राष्ट्रीय जनता दल का और उनके सहयोगियों का क्या हाल होता है.

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