न्यूज 11 भारत / बिहार डेस्क
पटना - बिहार सरकार के मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, 1 अणे मार्ग स्थित मुख्यमंत्री आवास को अब आधिकारिक तौर पर ‘लोक सेवक आवास’ के नाम से जाना जाएगा। यह निर्णय तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है।
हाईलाइट्स-
- 1 अणे मार्ग स्थित CM आवास का नाम बदला
- अब ‘लोक सेवक आवास’ के नाम से जाना जाएगा
- मुख्यमंत्री कार्यालय ने जारी की प्रेस विज्ञप्ति
- निर्णय तत्काल प्रभाव से लागू
- जनसेवा की भावना को दर्शाने की कोशिश
क्या है फैसला -
प्रेस रिलीज में बताया गया है कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को आवंटित यह आवास अब सभी आधिकारिक कार्यों के लिए ‘लोक सेवक आवास’ के रूप में नामित किया गया है। सरकार का कहना है कि यह नाम जनता की सेवा की भावना को दर्शाने के उद्देश्य से रखा गया है।
सरकार का संदेश
सरकार के इस कदम को प्रशासनिक पारदर्शिता और जनसेवा के प्रतीक के रूप में देखा जा रहा है। ‘मुख्यमंत्री आवास’ के बजाय ‘लोक सेवक आवास’ नाम देने से यह संदेश देने की कोशिश है कि सत्ता का केंद्र जनता की सेवा के लिए है। पटना स्थित इस ऐतिहासिक पते के नाम में बदलाव को एक प्रतीकात्मक लेकिन महत्वपूर्ण निर्णय माना जा रहा है, जो शासन की सोच और प्राथमिकताओं को दर्शाता है।

बिहार सरकार के भवन निर्माण विभाग ने एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक निर्णय लेते हुए मुख्यमंत्री आवास के विस्तार को लेकर नया कार्यालय आदेश जारी किया है। 30 अप्रैल 2026 को जारी इस आदेश के अनुसार, देशरत्न मार्ग स्थित आवास संख्या-05 के एक हिस्से को अस्थायी रूप से मुख्यमंत्री आवास (1, अणे मार्ग) के विस्तारित भाग के रुप में चिन्हित किया गया है। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि यह निर्णय पूर्व व्यवस्था में बदलाव करते हुए लिया गया है, जिससे मुख्यमंत्री आवास के दायरे को बढ़ाया जा सके। विभाग के अनुसार, इस प्रस्ताव को सक्षम प्राधिकार से स्वीकृति प्राप्त हो चुकी है, जिसके बाद इसे औपचारिक रूप दिया गया।
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