माँ की उम्र 46 और बेटा 45 साल का, जननी को शिखर तक पहुंचाने की कहानी !

माँ की उम्र 46 और बेटा 45 साल का, जननी को शिखर तक पहुंचाने की कहानी !

पूत कपूत तो क्यों धन संचय, पूत सपूत तो क्यों धन संचय यह कहावत धन से अधिक संस्कारों और चरित्र को महत्व देने की सीख देती है।

माँ की उम्र 46 और बेटा 45 साल का जननी को शिखर तक पहुंचाने की कहानी

माँ की उम्र 46 और बेटा 45 साल का, जननी को शिखर तक पहुंचाने की कहानी ! |

न्यूज 11 भारत / बिहार डेस्क 

नीलकमल / पटना  : भारतीय जनता पार्टी (BJP) का जन्म 6 अप्रैल, 1980 को नई दिल्ली फिरोजशाह कोटला मैदान में हुआ था। BJP के पहले अध्यक्ष अटल बिहारी वाजपेयी थे। यह जनसंघ का नया रूप था जिसका सिद्धांत हिंदुत्व, राष्ट्रवाद और 'राष्ट्र प्रथम'  को बढ़ावा देना था। भारतीय जनता पार्टी (BJP) की स्थापना मुख्य रूप से अटल बिहारी वाजपेयी और लालकृष्ण आडवाणी द्वारा की गई थी। दरअसल इस पार्टी की विचारधारा डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी द्वारा 1951 में स्थापित 'भारतीय जनसंघ' से प्रभावित हैं। BJP के प्रमुख संस्थापक में मुरली मनोहर जोशी, नानाजी देशमुख, भैरों सिंह शेखावत का नाम भी शामिल है। आपको बता दें कि BJP का गठन  भारतीय जनसंघ और जनता पार्टी से अलग होकर किया गया था।

हाईलाइट्स : 

  • BJP बढ़ा रही राष्ट्रवाद और एकात्म मानववाद की विचारधारा
  • 'गांधीवादी समाजवाद' को छोड़कर BJP ने प्रखर हिंदुत्व और राष्ट्रवाद बढ़ाया
  • विश्व का सबसे बड़ा राजनीतिक संगठन है बीजेपी
  • भाजपा का सिद्धांत 'Nation First, Party Second, Self Last' है
BJP के पहले अध्यक्ष अटल बिहारी वाजपेयी

 भारतीय जनता पार्टी का इतिहास

6 अप्रैल, 1980 को गठित BJP का उद्देश्य राष्ट्रवाद और एकात्म मानववाद की विचारधारा को आगे बढ़ाना था।  1980 में ही बॉम्बे अब मुंबई में पार्टी के पहले अधिवेशन के बाद 1984 के लोकसभा चुनाव में पार्टी को केवल 2 सीटें मिलीं थी। 2 सीटें मिलने के बाद भी कार्यकर्ताओ का मनोबल नही टूटा। इसके बाद पार्टी के नेता और कार्यकर्ताओं ने अपनी पूरी ताकत झोंकनी शुरू कर दी।1984 में मिली हार से सबक लेते हुए BJP ने 'गांधीवादी समाजवाद' को छोड़ हिंदुत्व और राष्ट्रवाद को अपना कर जनता के बीच जाना शुरू किया। इसके बाद 1990 के दशक में लालकृष्ण आडवाणी ने राम मंदिर आंदोलन को लेकर रथ यात्रा की शुरुआत की। इस रथयात्रा ने BJP को हिंदुओ की पार्टी के रूप में पहचान दिलाने का काम किया। इसके बाद से ही BJP बक जनाधार काफी तेजी से बढ़ा।

1990 के दशक में लालकृष्ण आडवाणी ने राम मंदिर आंदोलन को लेकर रथ यात्रा

 

देश मे बनी पहली बार 13 दिन की भाजपा सरकार

लालकृष्ण आडवाणी के राम मंदिर आंदोलन रथयात्रा का असर यह हुआ कि 1996 में भाजपा लोकसभा में सबसे बड़े दल के रूप में उभरी। लेकिन वाजपेयी की सरकार केवल 13 दिनों तक चल सकी। हालांकि 13 दिन की सरकार चलने के बावजूद देश की जनता के साथ विपक्ष को भी लगने लगा कि BJP इसी तरह आगे बढ़ती रही तो कभी भी सत्ता पर काबिज हो सकती है। 1996 में 13 दिन की सरकार चलाने वाली BJP ने "राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन" (NDA) का गठन किया। इसके बाद BJP ने केंद्र में अटल बिहारी वाजपेयी जी के नेतृत्व में 1998, 1999 में सरकार बनाई जो 2004 तक चली। केंद्र की सरकार चलाने वाले अटल बिहारी वाजपेयी ने परमाणु परीक्षण से लेकर देश के विकास के लिए कई अभूतपूर्व काम किये। नदियों को जोड़ने की योजना के साथ सड़को का जाल ऐसा बना की लोग आज भी अटल जी उन कार्यो के लिए याद करते हैं। 2004 के चुनाव में BJP ने आपके किये गए कार्यो के आधार पर नारा "फील गुड का नारा दिया था। लेकिन 2004 के चुनाव में BJP को हार का सामना करना पड़ा। 2004 में कांग्रेस ने UPA का गठन कर केंद्र में सरकार बनाई।

1993 में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन का गठन । 

2014 से मोदी युग का हुआ आरंभ

नरेंद्र मोदी । 

2014 और 2019 में नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा ने लोकसभा में पूर्ण बहुमत हासिल कर सरकार बनाई। इस 10 साल में नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पार्टी ने राष्ट्रवाद, विकास और कल्याणकारी योजनाओं के एजेंडे पर अपनी पकड़ मजबूत की। हालांकि 2024 के चुनाव में भी NDA को देश की जनता ने केंद्र की सत्ता पर बिठा दिया। लेकिन 2014 में 282 सीट 2019 में 303 सीट हासिल करने वाली BJP को 240 सीट पर संतोष करना पड़ा। भले ही BJP को 2024 में 240 सीट ही मिली। लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 2014 और 2019 से ज्यादा ताकतवर 2024 में बनकर शासन चला रहे हैं।

 

राष्ट्रवाद, हिंदुत्व और 'राष्ट्र प्रथम'  की विचारधारा

BJP की मुख्य विचारधारा दीनदयाल उपाध्याय की एकात्म मानववाद पर आधारित है जिसमे सांस्कृतिक राष्ट्रवाद, हिंदुत्व और 'राष्ट्र प्रथम' (Nation First) के सिद्धांत शामिल है। इसके तहत सांस्कृतिक गौरव, सामाजिक रूढ़िवादिता, मजबूत राष्ट्रीय सुरक्षा, अंत्योदय यानी गरीबों का उत्थान शामिल हैं। इसके अलावा भारतीय जनता पार्टी के नेता और कार्यकर्ता  'Nation First, Party Second, Self Last'  के सिद्धांत पर चलने का काम करती है।

राष्ट्रवाद, हिंदुत्व और 'राष्ट्र प्रथम'  की विचारधारा

सुरक्षित और मजबूत राष्ट्र

BJP का कहना है कि उनकी पार्टी एक मजबूत और सुरक्षित भारत के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध है। इसमें आतंकवाद के खिलाफ सख्त नीति और राष्ट्रवादी नीतियों को प्राथमिकता दी जाती है। मोदी सरकार में एयर स्ट्राइक, सर्जिकल स्ट्राइक, देश से नक्सलवाद का खात्मा, कश्मीर में आतंवादियों के खिलाफ अभियान, 2014 के बाद से अब तक देश मे (कश्मीर को छोड़) एक भी आतंकी घटना घटित नही होना, आतंकियों और अपराधियों की धर-पकड़ किस तरह हो रही है। यहब्सब देश की जनता देख रही है। पिछले साल कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद केंद्र की मोदी सरकार ने "ऑपरेशन सिंदूर" के जरिये पाकिस्तान को कैसे तबाह किया। यह पूरे देश ने देखा। 2014 के पहले यह कल्पना भी नही की जा सकती थी। वर्तमान समय मे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में गृहमंत्री अमित शाह, जेपी नड्डा, नितिन गडकरी और राजनाथ सिंह जैसे नेताओं ने पार्टी को ऊंचाइ तक पहुंचाने का काम किया।

सुरक्षित और मजबूत राष्ट्र । 

मां 46 की बेटा 45 का

 

नितिन नवीन बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ।

भारतीय जनता पार्टी आज अपना 47 वां स्थापना दिवस मना रही है। यानी बीजेपी 46 साल की हो चुकी है। बीजेपी के पहले राष्ट्रीय अध्यक्ष के तौर पर ग्वालियर के रहने वाले पत्रकार और कवि अटल बिहारी वाजपायी विराजमान हुए थे। आज की तारीख में पटना नितिन नवीन बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का कहना है कि पार्टी उनके लिए मां है। वे मां के मान सम्मान के लिए और उन्हें शिखर तक पहुंचाने के लिए जीतोड़ मेहनत करते हैं। निश्चित तौर पर प्रधानमंत्री का यह संदेश सभी कार्यकर्ताओं के लिए है कि वह भी पार्टी को अपनी मां की तरह देखें। बीजेपी के केंद्रीय नेतृत्व ने भारतीय जनता पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष जिसे बनाया है उसकी उम्र मात्र 45 साल है। यानी नितिन नवीन भाजपा के सबसे कम उम्र के राष्ट्रीय अध्यक्ष बने हैं। इस लिहाज से बात करें तो भारतीय जनता पार्टी यानी कार्यकर्ताओं की मां की उम्र आज 46 साल पूरी हो चुकी है और, बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष यानी पार्टी के मां के बेटे की उम्र 45 साल है। वर्तमान समय में बेटे के सामने मां के लिए पश्चिम बंगाल असम पुडुचेरी मैं सरकार बनाने की चुनौती है। इसके अलावा तमिलनाडु और केरल में भी भारतीय जनता पार्टी यानी मां का परचम लहराये यह टास्क भी मिला हुआ है। अब 4 मई को ही पता चलेगा कि एक बेटा अपनी मां के लिए क्या कुछ कर सका है।

इसे भी पढ़ें-  बीजेपी का 47वां स्थापना दिवस: बिहार में धूमधाम, बूथ से लेकर मुख्यालय तक गूंजा जश्न

 

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