न्यूज 11 भारत / बिहार डेस्क
पटना - बिहार की राजनीति में एक बार फिर बयानबाज़ी तेज हो गई है। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के नेता Tejashwi Yadav ने NDA सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि उसने राज्य की महिलाओं के साथ विश्वासघात किया है और चुनाव के दौरान झूठे वादों के जरिए उनकी भावनाओं का दोहन किया।
हाईलाइट्स-
- तेजस्वी यादव ने NDA सरकार पर महिलाओं से धोखाधड़ी का आरोप लगाया
- चुनाव के दौरान खातों में ₹10,000 भेजकर वोट प्रभावित करने का दावा
- महिलाओं को कथित रूप से धमकी और 2 लाख रुपये का लालच देने की बात
- 6 महीने बाद भी पहली और दूसरी किश्त नहीं मिलने का आरोप
- 18 लाख पंजीकृत और 1.81 करोड़ महिलाओं को लाभ नहीं मिलने की बात
- राज्य की आर्थिक स्थिति बिगाड़ने और 41,000 करोड़ खर्च का दावा
- NDA की ओर से अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं
चुनाव के दौरान पैसों के वितरण का आरोप
तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि विधानसभा चुनाव के दौरान NDA सरकार ने महिलाओं और जीविका समूह से जुड़ी दीदियों के बैंक खातों में 10 हजार रुपये भेजकर मतदाताओं को प्रभावित करने की कोशिश की। उन्होंने दावा किया कि यह कदम मतदान के दौरान वोट हासिल करने के उद्देश्य से उठाया गया था।
धमकी और प्रलोभन का भी आरोप
तेजस्वी यादव ने आगे यह भी कहा कि महिलाओं को कथित रूप से डराया गया कि मतदान केंद्रों पर निगरानी हो रही है और अगर उन्होंने “निर्धारित निशान” पर वोट नहीं किया तो उनके खातों में आए पैसे वापस ले लिए जाएंगे। साथ ही चुनाव के बाद 2 लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता देने का वादा किया गया।
वादे पूरे न होने का दावा
तेजस्वी यादव के अनुसार, चुनाव खत्म हुए छह महीने से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन न तो पहले से पंजीकृत लगभग 18 लाख महिलाओं को पहली किश्त मिली और न ही 1.81 करोड़ महिलाओं और जीविका दीदियों को दूसरी किश्त दी गई। उन्होंने कहा कि सरकार अपने वादों को पूरा करने में पूरी तरह विफल रही है।
राज्य की वित्तीय स्थिति पर सवाल
RJD नेता ने यह भी आरोप लगाया कि केवल चुनावी लाभ के लिए राज्य के खजाने पर भारी बोझ डाला गया। उन्होंने दावा किया कि सरकार ने करीब 41,000 करोड़ रुपये तक नकद वितरण कर वित्तीय स्थिति को कमजोर कर दिया, जिससे शिक्षा, स्वास्थ्य और कृषि जैसे क्षेत्रों पर असर पड़ा है।
NDA की ओर से प्रतिक्रिया का इंतजार
इन आरोपों पर अभी तक NDA या राज्य सरकार की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले दिनों में यह मुद्दा और गरमा सकता है।
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