न्यूज 11 भारत / बिहार डेस्क
पटना - बिहार की राजनीति में इन दिनों हलचल तेज हो गई है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार दिल्ली पहुंच चुके हैं और अब वे निर्विरोध राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ लेने जा रहे हैं। उनके इस कदम ने बिहार में सत्ता हस्तांतरण और नए मुख्यमंत्री के चेहरे को लेकर चर्चाओं को और अधिक हवा दे दी है।
हाईलाइट्स :
- नीतीश कुमार दिल्ली में, निर्विरोध राज्यसभा सदस्य चुने गए
- कल होगा शपथ ग्रहण, सत्ता हस्तांतरण की चर्चा तेज
- भाजपा नेताओं का दिल्ली में जमावड़ा, 12 अप्रैल को एनडीए बैठक संभावित
- बैठक में मुख्यमंत्री चेहरे और नए मंत्रिमंडल पर चर्चा होगी
- बिहार बीजेपी प्रभारी विनोद तावड़े के आवास पर आज शाम बैठक
नीतीश कुमार की नई पारी
नीतीश कुमार लंबे समय से बिहार की राजनीति के केंद्र में रहे हैं। अब राज्यसभा सदस्य के रूप में उनकी नई पारी की शुरुआत हो रही है। उनके शपथ ग्रहण समारोह में दोनों उपमुख्यमंत्री, कई कैबिनेट मंत्री और वरिष्ठ नेता शामिल होंगे। मंत्री मदन साहनी ने कहा कि नीतीश कुमार के जाने से कोई खुश नहीं है, लेकिन यह उनका व्यक्तिगत फैसला है और इस पर सवाल उठाना उचित नहीं है।
दिल्ली में भाजपा नेताओं का जमावड़ा
दिल्ली में भाजपा नेताओं का जमावड़ा लगना शुरु हो गया है। बताया जा रहा है कि 12 अप्रैल को एनडीए की बड़ी बैठक होगी, जिसमें बिहार के आगामी नेतृत्व और मंत्रिमंडल के नए स्वरूप पर चर्चा होगी। इस बैठक में उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, विजय सिन्हा, प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी, मंगल पांडेय, संगठन महामंत्री भीखूभाई दलसानिया, क्षेत्रीय संगठन महामंत्री नागेंद्र, मंत्री दिलीप जायसवाल, केंद्रीय राज्य गृहमंत्री नित्यानंद राय और विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार सहित कई बड़े नेता शामिल होंगे।
हालांकि भाजपा नेता नीरज कुमार ने स्पष्ट किया कि बैठकें भाजपा का रुटीन कार्यक्रम हैं और इसे किसी विशेष राजनीतिक घटनाक्रम से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि भाजपा का प्रशिक्षण कार्यक्रम चल रहा है और इसी सिलसिले में बैठकें हो रही हैं।
सत्ता हस्तांतरण की सुगबुगाहट
नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के बाद बिहार में सत्ता हस्तांतरण की सुगबुगाहट तेज हो गई है। भाजपा के भीतर मुख्यमंत्री के चेहरे को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। सूत्रों के मुताबिक आज शाम 6 बजे बिहार बीजेपी प्रभारी विनोद तावड़े के आवास पर बैठक होगी। इसमें बिहार कोर ग्रुप के नेता, प्रदेश अध्यक्ष, दोनों डिप्टी सीएम और अन्य प्रमुख नेता शामिल होंगे। इस बैठक में नई सरकार के गठन और मुख्यमंत्री के चेहरे को लेकर शुरुआती दौर की चर्चा होगी।
राजनीतिक समीकरण
नीतीश कुमार के दिल्ली जाने से बिहार की राजनीति में एक बड़ा खालीपन पैदा हुआ है। भाजपा अब इस मौके का इस्तेमाल कर सकती है और नए नेतृत्व को सामने ला सकती है। सम्राट चौधरी और विजय सिन्हा जैसे नेताओं के नाम चर्चा में हैं। वहीं, मंत्रिमंडल के नए स्वरूप को लेकर भी रुपरेखा तैयार की जा रही है। साथ ही बिहार की राजनीति के समीकरण में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। बिहार की राजनीति में अभी कई तरह की अटकलें बनी हुईं है।
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