न्यूज 11 भारत / बिहार डेस्क
पटना - बीजेपी प्रत्याशी अरविंद शर्मा ने बिहार विधान परिषद उपचुनाव के लिए अपना नामांकन पत्र दाखिल कर दिया है। इस दौरान एनडीए के कई वरिष्ठ नेता, विधायक और संगठन के पदाधिकारी मौजूद रहे, जिससे शक्ति प्रदर्शन भी साफ नजर आया।
हाइलाइट्स-
- बीजेपी ने विधान परिषद उपचुनाव के लिए अरविंद शर्मा को बनाया उम्मीदवार
- नामांकन के दौरान NDA नेताओं की मजबूत मौजूदगी
- मंगल पांडे के इस्तीफे के बाद खाली हुई थी सीट
- संगठन के मजबूत कार्यकर्ता को दिया गया मौका
मंगल पांडे के इस्तीफे से खाली हुई थी सीट
यह सीट बीजेपी के वरिष्ठ नेता और पूर्व स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे के इस्तीफे के बाद खाली हुई थी। उनके परिषद से हटने के बाद उपचुनाव की घोषणा की गई, जिस पर अब सियासी सरगर्मी तेज हो गई है। बीजेपी ने इस बार किसी बड़े या चर्चित चेहरे के बजाय संगठन में लंबे समय से सक्रिय और भरोसेमंद कार्यकर्ता सूर्य कुमार शर्मा उर्फ अरविंद शर्मा को मैदान में उतारा है। पार्टी के इस फैसले ने राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज कर दी है।
कौन हैं अरविंद शर्मा?
अरविंद शर्मा (सूर्य कुमार शर्मा) बीजेपी के संगठन में अहम भूमिका निभाते रहे हैं। वे बिहार प्रदेश कार्यालय प्रभारी के रूप में काम कर चुके हैं और संगठनात्मक पकड़ के लिए जाने जाते हैं। पार्टी ने उनकी निष्ठा और अनुभव को देखते हुए यह जिम्मेदारी सौंपी है।
दीपक प्रकाश के नाम की थी चर्चा
इस सीट को लेकर पहले यह कयास लगाए जा रहे थे कि उपेंद्र कुशवाहा के बेटे दीपक प्रकाश को विधान परिषद भेजा जा सकता है, लेकिन पार्टी ने अंततः संगठन से जुड़े चेहरे को प्राथमिकता दी।
संगठन में 40 साल का अनुभव
सूर्य कुमार शर्मा लंबे समय से पार्टी संगठन से जुड़े हुए हैं और वर्तमान में मुख्यालय प्रभारी की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। करीब 40 वर्षों से सक्रिय राजनीति और संगठन में उनकी मजबूत पकड़ मानी जाती है।
वरिष्ठ नेताओं के साथ काम का अनुभव
उन्होंने वरिष्ठ नेता नवीन सिन्हा के साथ भी लंबे समय तक काम किया है और नितिन नवीन के भरोसेमंद नेताओं में गिने जाते हैं।
जातीय समीकरण पर भी नजर
भूमिहार समाज से आने वाले सूर्य कुमार शर्मा मूल रूप से अरवल जिले के रहने वाले हैं। ऐसे में BJP ने इस उम्मीदवार के जरिए सामाजिक समीकरण साधने की भी कोशिश की है।
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