न्यूज 11 भारत / बिहार डेस्क
संजय कुमार / बेगूसराय - केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह रविवार को बेगूसराय के दिनकर भवन पहुंचे, जहां उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 133वें “मन की बात” कार्यक्रम को सैकड़ों कार्यकर्ताओं के साथ सामूहिक रुप से सुना। इस दौरान कार्यक्रम स्थल पर पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों की भारी भीड़ देखने को मिली।
हाईलाइट्स -
- बेगूसराय के दिनकर भवन में “मन की बात” का सामूहिक श्रवण
- केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कार्यकर्ताओं के साथ कार्यक्रम में लिया हिस्सा
- केजरीवाल के बंगाल दौरे पर तीखा तंज, “अपना घर नहीं संभल रहा”
- ममता बनर्जी और राहुल गांधी पर भी साधा निशाना
- ‘INDI गठबंधन’ को लेकर उठाए सवाल, बताया विरोध की राजनीति
कार्यकर्ताओं में दिखा उत्साह
दिनकर भवन में आयोजित इस कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने एक साथ बैठकर प्रधानमंत्री के संबोधन को ध्यानपूर्वक सुना। “मन की बात” के जरिए देशहित, सामाजिक सरोकार और विकास से जुड़े मुद्दों पर दिए गए संदेशों को लेकर कार्यकर्ताओं में खासा उत्साह नजर आया। केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह भी पूरे कार्यक्रम के दौरान कार्यकर्ताओं के बीच मौजूद रहे और प्रसारण के प्रति पूरी तरह संलग्न दिखे।
संदेश को जन-जन तक पहुंचाने की अपील
कार्यक्रम समाप्त होने के बाद गिरिराज सिंह ने उपस्थित कार्यकर्ताओं से संवाद किया और प्रधानमंत्री के विचारों को घर-घर तक पहुंचाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजन संगठन को मजबूत करने और सरकार की नीतियों को जनता तक पहुंचाने का प्रभावी माध्यम हैं।
बंगाल चुनाव पर सियासी तंज
कार्यक्रम के बाद मीडिया से बातचीत में गिरिराज सिंह ने पश्चिम बंगाल चुनाव को लेकर विपक्षी नेताओं पर निशाना साधा। उन्होंने दिल्ली के मुख्यमंत्री Arvind Kejriwal के बंगाल में प्रचार को लेकर तंज कसते हुए कहा, “अपना घर नहीं संभल रहा, चले हैं दूसरे को जिताने।”
उन्होंने कहा कि केजरीवाल अपनी सरकार को ठीक से चला नहीं पा रहे हैं और अब Mamata Banerjee के समर्थन में बंगाल जा रहे हैं, जिससे उन्हें कोई फायदा नहीं होगा, बल्कि नुकसान ही हो सकता है।
राहुल गांधी और गठबंधन पर सवाल
गिरिराज सिंह ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के बंगाल दौरे पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी पहले यह स्पष्ट करें कि उनका ‘INDI गठबंधन’ है या ‘ठगबंधन’।
उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस और टीएमसी पहले कई मुद्दों पर साथ रहे हैं, लेकिन अब उनका गठबंधन किस आधार पर है, यह साफ नहीं है। उनके अनुसार, यह केवल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विरोध की राजनीति है।
राजनीतिक संदेश के साथ संगठनात्मक मजबूती
यह पूरा आयोजन न केवल “मन की बात” सुनने का कार्यक्रम रहा, बल्कि संगठनात्मक रूप से भी अहम माना जा रहा है। इससे कार्यकर्ताओं को एकजुट करने और सरकार की योजनाओं व विचारों को जमीनी स्तर तक पहुंचाने का अवसर मिला।
गिरिराज सिंह ने अंत में कहा कि बंगाल की राजनीति में विपक्षी दल पहले से ही कमजोर स्थिति में हैं और वहां की लड़ाई अब केवल राजनीतिक अस्तित्व बचाने तक सीमित रह गई है।
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