मुमताज अहमद/न्यूज11 भारत
खलारी/डेस्क: सीपीआई के जुझारू एवं कर्मठ नेता सह समाजसेवी 84 वर्षीय करमा लोहरा ने शुक्रवार की सुबह एसीसी सीमेंट कॉलोनी स्थित अपने आवास में अंतिम सांस ली. उनके आकस्मिक निधन की खबर मिलते ही खलारी क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई. सामाजिक, राजनीतिक एवं मजदूर संगठनों से जुड़े लोगों ने उनके निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया.
एसीसी सीमेंट फैक्टरी से राजनीतिक यात्रा की शुरुआत
करमा लोहरा ने अपनी राजनीतिक यात्रा खलारी स्थित एसीसी सीमेंट फैक्ट्री से शुरू की थी. वर्ष 1986 में वे कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआई) से जुड़े और एक सक्रिय कार्यकर्ता के रूप में मजदूरों व आम लोगों के अधिकारों के लिए आवाज बुलंद करते रहे. एसीसी सीमेंट फैक्ट्री में मजदूरों के हितों की रक्षा हेतु यूनियन की नींव रखने में उनकी अहम भूमिका रही. वर्षों तक उन्होंने मजदूरों के वेतन, अधिकार एवं अन्य सुविधाओं को लेकर संघर्ष किया. फैक्ट्री बंद होने के बाद भी उन्होंने रिटायर्ड कर्मियों और फैक्ट्री से जुड़े मजदूरों के लिए वेज बोर्ड के तहत वेतन, ग्रेच्युटी व अन्य बकाया भुगतान की मांग को लेकर लगातार संघर्ष जारी रखा. वे सामाजिक और राजनीतिक गतिविधियों में भी सक्रिय रहे तथा बुकबुका पंचायत से मुखिया पद के लिए चुनाव भी लड़ा था. उनकी पत्नी स्वर्गीय सोमरी राम बुकबुका पंचायत की पूर्व मुखिया थीं, जिन्होंने अपने कार्यकाल में पंचायत के विकास के लिए कई उल्लेखनीय कार्य किए थे.
करमा लोहरा को दी गई श्रद्धांजलि
शुक्रवार को बड़ी संख्या में लोगों ने कामरेड करमा लोहरा को फूल-माला अर्पित कर श्रद्धांजलि दी. अंतिम संस्कार यात्रा में क्षेत्र के आलेरसूल, मोबीन अंसारी, पारस उरांव ,सत्तार अंसारी, रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया अम्बेडकर के प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम साड लोहारा, आरपीआई महिला अध्यक्ष अनिता गंझू, महिला महासचिव रंजना गिरि , किशोर खंडित सहित क्षेत्र के बुद्धिजीवी, समाजसेवी एवं राजनीतिक कार्यकर्ता शामिल हुए.
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