आशिष शास्त्री/न्यूज11 भारत
सिमडेगा/डेस्क: झारखण्ड के दक्षिणी छोर पर बसे सिमडेगा की मुख्य आर्थिक संरचना वन उत्पादो पर आधारित है. कल कारखानो से रहित इस जिले मे मुख्य जीविका वनो से निकली उत्पादो पर ही अधारित है. इन मे से सबसे महत्वपुर्ण उत्पाद महुआ और इमली है. जो यहां के ग्रामीणों के लिए आय का सशक्त साधन बनता है. लेकिन बेमौसम बारिश ने इन वनोपद पर असर डाला है.
वनोपज पर निर्भर है सिमडेगा की बडी आबादी. महुआ और इमली यहां आय का बनता है सबसे बडा साधन. लेकिन बेमौसम बारिश ने इस वर्ष महुआ और इमली की फसल को प्रभावित किया है. जिससे बाजार में उत्पादन कम पहुंच रहे हैं. बता दें कि झारखण्ड मे महुआ के उत्पादन मे सिमडेगा अग्रणी जिलो मे एक है. इसके साथ इमली भी ग्रामीणों के आय का प्रमुख साधन बनती है. लेकिन इस वर्ष बेमौसम बारिश और तेज हवाओं ने महुआ और इमली दोनों फसलों को नुकसान पहुंचाया है. जिसका नतीजा है कि व्यापारियों के पास महुआ और इमली अन्य वर्षों की तुलना में काफी कम पहुंच रही है. उत्पादन कम पहुंचने से महुआ और इमली महंगी बिक रही है. जिससे ग्रामीण क्षेत्रों के छोटे व्यापारियों को नुकसान हो रहा है.
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