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रांची/डेस्क: कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने कहा है कि अपने आय के स्रोतों को बहुआयामी बनाना एवं उसे विविध आयाम देना किसानों की सबसे महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है. शिल्पी नेहा तिर्की ने कहा कि विशेष रूप से महिला किसान न केवल अपने घर-परिवार या समाज बल्कि, संपूर्ण झारखण्ड और देश के विकास में भी अपना महत्वपूर्ण एवं सराहनीय योगदान दे रही हैं और उन्हें अपने प्रयासों, संघर्ष और योगदान को और भी अधिक प्रभावी बनाने की जरूरत है.
आज राजधानी रांची के नामकुम में अवस्थित राष्ट्रीय कृषि उच्चतर संस्करण संस्थान में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर आयोजित दो दिवसीय किसान मेला सह कृषि प्रदर्शनी 2026 का उद्घाटन करते हुए शिल्पी नेहा तिर्की ने कहा कि झारखण्ड की महिला किसानों के प्रयासों संघर्षों और योगदान का उल्लेख करते हुए कहा कि देश के आर्थिक और सामाजिक विकास में उनका बहुमूल्य योगदान है और अपनी मेहनत के बल पर किसानों विशेषकर महिला किसानों ने अपने कृषि एवं व्यवसाय को विकसित कर उद्यमी के रूप में अपनी जो पहचान स्थापित की है उसे प्रोत्साहित किया जाना चाहिए.
मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने कहा कि किसान विशेषकर महिला किसानों के साथ ही सभी महिलाओं की आर्थिक समृद्धि और सामाजिक विकास के साथ ही उनमें सशक्तिकरण की भावना को मजबूत करने के लिये हेमंत सरकार पूरी तरीके से प्रतिबद्ध है. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना एक वैसा महत्वपूर्ण प्रतीक है जो महिलाओं बल्कि आधी आबादी के प्रति उनकी सरकार की संकल्पबद्धता को दिखाता है और सरकार हर एक क्षेत्र में मिशन मोड में विकास के नये प्रतिमान स्थापित कर रही है जिसमें आम लोगों का मिल रहा सहयोग प्रशंसनीय है.
इस अवसर पर अपने संबोधन में विशिष्ट अतिथि एवं राज्य के कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता विभाग के सचिव अबुबकर सिद्दिकी ने किसानों के लिये राज्य सरकार द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की जानकारी देते हुए किसानों से इन योजनाओं का अधिक-से-अधिक लाभ उठाने का आह्वान किया.
इस अवसर पर आईसीएआर-एनआईएसए के निदेशक अभिजीत कर ने अपने स्वागत भाषण में कहा कि ग्रामोद्योग, चक्रीय कृषि एवं नवीन कृषि तकनीकों को अपनाकर किसानों की आजीविका को सुदृढ़ सुदृढ़ बनाया जा सकता है. उन्होंने कहा कि संस्थान के द्वारा किसानों के हित में विभिन्न अनुसंधान एवं तकनीकी नवाचारों पर निरंतर कार्य किया जा रहा है. समारोह में प्रधान वैज्ञानिक ज्योतिमोय घोष, देबाबंदया महापात्रा ने भी अपने विचार व्यक्त किये.
आज अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर आयोजित इस किसान मेला सह कृषि प्रदर्शनी 2026 में लगाये गये लगभग 40 स्टॉलो का किसानों ने उत्साह के साथ भ्रमण किया. इन स्टालों को विभिन्न कृषि विकास संस्थानों, विविध राज्यों के कृषि विश्वविद्यालयों, राज्य सरकार के विभिन्न विभागों, सहकारी संगठनों, किसान उत्पादक संगठनों, स्वयं सहायता समूह, कृषि विज्ञान केन्द्रों एवं निजी संस्थाओं के द्वारा लगाया गया था जिसमें कृषि से संबंधित नवीनतम तकनीक, कृषि उत्पादों, कृषि यंत्रों, उद्यान एवं पशुपालन से जुड़े विभिन्न उत्पादों को प्रदर्शित किया गया.
इन प्रदर्शनों के माध्यम से किसानों को उन्नत कृषि तकनीक, कृषि आधारित उद्यमिता तथा आय बढ़ाने संबंधी गतिविधियों की विस्तृत जानकारी प्रदान की गयी. इस अवसर पर कृषि के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करनेवाले कुछ प्रगतिशील किसानों को सम्मानित किया गया साथ ही अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को भी पुरस्कृत किया गया. इस कार्यक्रम में प्रमुख वैज्ञानिक, उद्यमियों एवं कृषि विशेषज्ञों के साथ ही 15 सौ से अधिक प्रगतिशील किसानों ने भाग लिया.
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