मुमताज अहमद/न्यूज11 भारत
खलारी/डेस्क: सीसीएल एनके एरिया के डकरा स्थित वीआईपी क्लब सभागार में सोमवार को त्रिपक्षीय सुरक्षा समिति की बैठक सम्पन्न हुई. बैठक की अध्यक्षता महाप्रबंधक दिनेश कुमार गुप्ता ने की, जबकि संचालन एरिया सेफटी ऑफिसर रागिनी रानी चैबे ने किया. मुख्य अतिथि के रूप में डीएमएस रांची अजीत कुमार उपस्थित थे. वहीं विशिष्ट अतिथि के रूप में पी. हनुमंथा राव (डीडीएमएस, माइनिंग), शेख मिन्हाजुद्दीन (डीडीएमएस) एवं दयामपा अदनूर (डीडीएमएस) शामिल हुए. बैठक का शुभारंभ अतिथियों के स्वागत, बैज पहनाने, पौधा भेंट एवं दीप प्रज्वलन के साथ हुआ. इसके पश्चात कोल इंडिया का कॉरपोरेट गीत गाया गया तथा कार्य के दौरान जान गंवाने वाले कोल कर्मियों को दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि दी गई. बैठक में रोहिणी, चूरी भूमिगत खदान, डकरा, पुरनाडीह सहित विभिन्न परियोजनाओं की सुरक्षा व्यवस्था पर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की गई. इस दौरान सुरक्षा समिति के सदस्यों ने 18 माह बाद बैठक आयोजित होने पर कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि इतनी लंबी अवधि के बाद समीक्षा होना सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़ा करता है. सदस्यों ने प्रस्तुत रिपोर्टों पर कई बिंदुओं पर असहमति जताया. वहीं सदस्यों ने विभिन्न परियोजनाओं में लाइटिंग, पेयजल, बिजली एवं स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी तथा ठेका मजदूरों की सुरक्षा को लेकर चिंता व्यक्त की. उन्होंने सुझाव दिया कि सभी खदानों में शिफ्ट शुरू होने से पूर्व सुरक्षा ब्रीफिंग अनिवार्य की जाए, भारी वाहनों जैसे डंपर व डोजर की नियमित जांच हो तथा आउटसोर्सिंग एवं ट्रांसपोर्टिंग कंपनियों के श्रमिकों को भी समान सुरक्षा सुविधाएं प्रदान की जाएं. साथ ही प्रवेश-निकास मार्ग, कार्यस्थल की निगरानी और आपातकालीन व्यवस्था को मजबूत करने पर बल दिया गया.
बैठक में डीएमएस अजीत कुमार ने स्पष्ट कहा कि सुरक्षा नियमों के अनुपालन में किसी भी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी. उन्होंने सभी परियोजनाओं में निर्धारित मानकों को सख्ती से लागू करने एवं शिकायतों के त्वरित समाधान के निर्देश दिए. वहीं महाप्रबंधक दिनेश कुमार गुप्ता ने कहा कि सुरक्षा सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है और प्रशिक्षण इसका मूल आधार है. उन्होंने सभी मुद्दों के शीघ्र समाधान का आश्वासन देते हुए एनके एरिया को “शून्य दुर्घटना क्षेत्र” बनाने पर जोर दिया. अंत में एसओ माइनिंग जितेन्द्र सिंह ने धन्यवाद ज्ञापन किया. बैठक के उपरांत वीआईपी ऑफिसर क्लब परिसर में वृक्षारोपण भी किया गया. इस अवसर पर एरिया सेफटी कमेटी के सदस्य प्रेम कुमार, उमाकांत सिंह, धीरज कुमार, चंद्रदीप पासवान, ध्वजा राम धोबी, शैलेश कुमार, मुकेश कुमार सहित अन्य उपस्थित थे.
त्रिपक्षीय सुरक्षा की बैठक पर मौजूद सेफ्टी सुरक्षा समिति, सीसीएल प्रबंधन एवं रांची से पहुंचे डीएम एस के अधिकारी सीसीएल कर्मी की बुनियादी सुरक्षा पर मौन क्यों ?
एनके एरिया की त्रिपक्षीय सुरक्षा बैठक में खदान सुरक्षा पर चर्चा तो हुई, लेकिन सीसीएल कर्मियों की बुनियादी समस्याओं पर अपेक्षित आवाज नहीं उठने से सुरक्षा समिति के सदस्यों, सीसीएल प्रबंधन तथा डीएमएस पदाधिकारियों की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं.
जिस सीसीएल कर्मी के भरोसे उत्पादन और कोयला परिवहन व्यवस्था टिकी है, उसी के मूलभूत मुद्दे—जर्जर आवास, कॉलोनियों में गंदगी और कोयला स्टॉक में लगी आग जैसे गंभीर विषय—या तो प्रभावी ढंग से नहीं उठाए गए या उन पर ठोस चर्चा नहीं हो सकी.
ऐसे महत्वपूर्ण मंच पर यूनियन प्रतिनिधियों द्वारा इन मुद्दों को मजबूती से नहीं उठाया जाना भी सवालों के घेरे में है. श्रमिक हितों की रक्षा के लिए आवश्यक है .
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