न्यूज11 भारत
रांची/डेस्क: राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन झारखंड और यूनिसेफ के संयुक्त तत्वावधान में आज राजधानी रांची के होटल 'ली-लैक' में 'उमंग दिवस' एवं 'ह्यूमन सेंट्रिक डिजाइन' विषय पर तीन दिवसीय राज्य स्तरीय क्षमतावर्धन सह योजना कार्यशाला का शुभारंभ हुआ. कार्यक्रम के मुख्य अतिथि, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अभियान निदेशक शशि प्रकाश झा ने कार्यशाला को संबोधित करते हुए स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण और जमीनी स्तर पर कार्य करने वाली सहियाओं के मानदेय भुगतान से सम्बंधित कई दिशा निर्देश दिए. उन्होंने ने स्पष्ट निर्देश दिये कि सहियाओं के राज्य मद से मिलने वाले 2000 रुपये के मानदेय भुगतान के लिए अब लंबी कागजी प्रक्रियाओं और अनुपस्थिति विवरणी के अत्यधिक हिसाब-किताब की आवश्यकता नहीं है. यदि किसी सहिया को पिछले माह भुगतान हुआ है, तो यह माना जाएगा कि वह कार्यरत है और उन्हें अविलंब भुगतान सुनिश्चित किया जाना चाहिये.
झा ने निर्देश दिया कि ब्लॉक स्तर पर भुगतान की फाइलों को लंबित न रखा जाए. उन्होंने अधिकारियों को सुझाव दिया कि फोन के माध्यम से ब्लॉक स्तर पर समन्वय स्थापित कर 'कैंप मोड' में बिल तैयार करवाएं, ताकि 26 से 28 फरवरी के भीतर सभी लंबित भुगतानों का निष्पादन हो सके. उन्होंने कहा कि हमें अनावश्यक गणनाओं में समय बर्बाद करने के बजाय सेवा प्रदाताओं के हितों को प्राथमिकता देनी चाहिए. कार्यशाला के दौरान उन्होंने स्वास्थ्य कार्यक्रमों की बेहतर प्लानिंग और ए टू जेड गाइडलाइन के पालन पर जोर दिया ताकि भविष्य में किसी भी प्रशिक्षण या कार्यक्रम में बाधा न आए.
यह तीन दिवसीय कार्यशाला यूनिसेफ के सहयोग से आयोजित की जा रही है, जिसमें आरबीएसके, नियमित प्रतिरक्षण, सीपीएचसी आम सहित विभिन्न विभागों के नोडल पदाधिकारी और विशेषज्ञ भाग ले रहे हैं. कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य 'उमंग दिवस' के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक जन-केंद्रित बनाना है.
किशोर किशोरियों के लिए उमंग दिवस के लाभ
स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता और ज्ञान में वृद्धि
उमंग दिवस के माध्यम से किशोरों को पोषण, मानसिक स्वास्थ्य, मासिक धर्म स्वच्छता, गैर-संचारी रोगों की रोकथाम, नशा-मुक्ति तथा प्रजनन स्वास्थ्य से जुड़ी सही जानकारी मिलती है, जिससे वे अपने स्वास्थ्य से जुड़े सही निर्णय ले पाते हैं.
स्वस्थ व्यवहार और जीवनशैली को बढ़ावा
किशोर संतुलित आहार लेने, नियमित व्यायाम करने, व्यक्तिगत स्वच्छता बनाए रखने तथा तंबाकू, शराब और नशीले पदार्थों से दूर रहने के लिए प्रेरित होते हैं.
स्वास्थ्य समस्याओं की समय पर पहचान और रोकथाम
नियमित सत्रों के माध्यम से एनीमिया, कुपोषण, मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं और जीवनशैली से होने वाली बीमारियों की शुरुआती पहचान होती है, जिससे समय पर इलाज संभव हो पाता है.
किशोर-अनुकूल स्वास्थ्य सेवाओं तक बेहतर पहुँच
किशोरों को आयुष्मान आरोग्य मंदिर और किशोर-अनुकूल स्वास्थ्य क्लीनिकों की जानकारी मिलती है, जिससे वे आवश्यक सेवाओं का अधिक उपयोग कर पाते हैं.
जीवन कौशल और निर्णय लेने की क्षमता का विकास
विभिन्न गतिविधियों और चर्चाओं के माध्यम से संचार कौशल, समस्या समाधान क्षमता, आत्मविश्वास और सही निर्णय लेने की क्षमता मजबूत होती है.
मानसिक स्वास्थ्य और भावनात्मक सहयोग में सुधार
उमंग दिवस किशोरों को तनाव, चिंता, साथियों के दबाव और भावनात्मक समस्याओं पर खुलकर बात करने का सुरक्षित मंच देता है, जिससे उनका मानसिक स्वास्थ्य बेहतर होता है.
समुदाय के लिए उमंग दिवस के लाभ
किशोर स्वास्थ्य में सामुदायिक सहभागिता को बढ़ावा
अभिभावक, शिक्षक, सहिया, सीएचओ, स्वयं सहायता समूह और समुदाय के नेता किशोरों के स्वास्थ्य एवं विकास में सक्रिय भूमिका निभाते हैं.
सकारात्मक सामाजिक मान्यताओं और सहायक वातावरण का निर्माण
यह कार्यक्रम बाल विवाह, लैंगिक भेदभाव और किशोर स्वास्थ्य से जुड़ी भ्रांतियों जैसी हानिकारक प्रथाओं को कम करने में मदद करता है.
समुदाय और स्वास्थ्य व्यवस्था के बीच बेहतर समन्वय
किशोरों, परिवारों, सामुदायिक कार्यकर्ताओं और स्वास्थ्य संस्थानों के बीच बेहतर तालमेल बनता है, जिससे रेफरल और सेवाओं की उपलब्धता सुधरती है.
स्वस्थ और सक्षम भविष्य की पीढ़ी का निर्माण
ज्ञान, कौशल और स्वास्थ्य सहयोग देकर उमंग दिवस एक स्वस्थ, आत्मविश्वासी और उत्पादक युवा पीढ़ी तैयार करने में योगदान देता है.