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बाहरागोड़ा/डेस्क:- पूर्वी सिंहभूम जिले के बहरागोड़ा प्रखंड अंतर्गत खेडूआ पंचायत के जयपुरा गांव से सामाजिक भेदभाव का एक गंभीर मामला सामने आया है. गांव के हरिजन समुदाय के लोगों ने शिकायत की है कि स्थानीय सेलून संचालकों ने पिछले कुछ समय से उनके बाल और दाढ़ी काटने से इनकार कर दिया था.
लिखित आवेदन में लगाए जातिसूचक गाली के आरोप:
जयपुरा गांव निवासी किशोर मंडल ने इस मामले को लेकर बरसोल थाना में एक लिखित आवेदन दिया.आवेदन में बताया गया है कि बंशीधरपुर गांव के रहने वाले और पिछले पांच वर्षों से जयपुरा में दुकान चला रहे सेलून संचालक- सूलीन बारीक, गुरा बारीक, कमल बारीक, सुकेश बारीक वंशीधरपुर के इन नाईयों ने न केवल हरिजन लोगों के बाल-दाढ़ी काटने से मना कर दिया, बल्कि कथित रूप से जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल कर गाली-गलौज भी करते थे.पीड़ितों का कहना है कि आरोपी सेलून संचालक “डोमहाड़ी” जैसे अपमानजनक शब्द बोलकर सेवा देने से इनकार करते थे, जिससे हरिजन समुदाय के लोगों का उस सड़क पर चलना भी मुश्किल हो गया था.
थाने में बैठक कर पुलिस ने सुलझाया विवाद:
किशोर मंडल द्वारा दिए गए आवेदन के आधार पर बरसोल थाना पुलिस ने तुरंत पहल करते हुए सभी सेलून संचालकों को थाने में बुलाया. पुलिस ने पीड़ित समुदाय और आरोपित नाईयों के साथ बैठक कर मामले की गंभीरता समझाई.
विवाद के समाधान के लिए लिखित समझौता कराया गया, जिसमें सभी नाईयों ने स्पष्ट रूप से कहा कि—वे हरिजन समुदाय समेत सभी लोगों के बाल और दाढ़ी काटेंगे,आगे किसी प्रकार की गाली-गलौज या भेदभाव नहीं करेंगे ऐसा दोबारा पाए जाने पर उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी
गांव में अब स्थिति सामान्य:
थाने की मध्यस्थता और लिखित सहमति के बाद गांव में स्थिति शांत बताई जा रही है. पीड़ित परिवारों ने पुलिस प्रशासन के त्वरित हस्तक्षेप के लिए धन्यवाद व्यक्त किया है.
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