सुरेन्द्र प्रसाद/न्यूज11 भारत
बोकारो/डेस्क: बालीडीह स्थित बीएमडब्ल्यू प्लांट को धमकी देकर रंगदारी वसूलने की साजिश का पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है. इस मामले में गिरफ्तार राकेश कुमार ने पूछताछ में ऐसे राज उगले हैं, जिससे कुख्यात प्रिंस खान गैंग के नेटवर्क की परतें खुलने लगी हैं.
मामले की शुरुआत 12 मार्च 2026 को हुई थी, जब बीएमडब्ल्यू प्लांट के मैनेजर सुरेश कुमार सिंह ने बालीडीह थाना में शिकायत दर्ज कराई. आरोप था कि फैक्ट्री लगाने और संचालन के एवज में रंगदारी मांगी जा रही है तथा धमकी दी जा रही है. शिकायत मिलते ही पुलिस ने एसआईटी गठित कर जांच शुरू कर दी.
जांच के दौरान गिरफ्तार राकेश कुमार ने स्वीकार किया कि वह सीधे प्रिंस खान के अंतरराष्ट्रीय व्हाट्सएप नंबर के संपर्क में था. पुलिस के अनुसार, प्रिंस खान के निर्देश पर ही उसने अपने हाथों से धमकी भरा पर्चा लिखा और उसे कंपनी तक पहुंचाया. बाद में उसी पर्चे का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर बीएमडब्ल्यू प्लांट पर दबाव बनाने की कोशिश की गई.
सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आई कि इस काम के बदले राकेश को दो अलग-अलग बैंक खातों में कुल 1.50 लाख रुपये भेजे गए थे. पुलिस अब इस पैसे के लेन-देन और गैंग के अन्य सदस्यों की भूमिका की भी जांच कर रही है.
आरोपी के पास से बरामद रेडमी-8 मोबाइल फोन पुलिस के लिए सबूतों का खजाना साबित हुआ. मोबाइल की जांच में प्रिंस खान से हुई कई बातचीत, कॉल रिकॉर्ड और अन्य डिजिटल साक्ष्य मिले हैं, जो जांच को नई दिशा दे रहे हैं.
पुलिस का दावा है कि राकेश कुमार बोकारो में प्रिंस खान गैंग का प्रमुख सहयोगी था और इलाके में गैंग का प्रभाव बढ़ाने की जिम्मेदारी निभा रहा था. फिलहाल उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है, जबकि पुलिस गैंग के पूरे नेटवर्क को खंगालने में जुटी हुई है.
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