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रांची/डेस्क: बिरसा मुंडा जेल में कैदियों के भोजन की गुणवत्ता की जांच के लिए हाईकोर्ट ने सख्त निर्देश दिए हैं. एक क्रिमिनल अपील की सुनवाई के दौरान झारखंड हाईकोर्ट ने यह निर्देश दिया. जेल अधीक्षक सुदर्शन मुर्मू और जेलर लौकुश कुमार ने कैदियों को की जा रही भोजन की आपूर्ति के संबंध में जानकारी दी. जेलर ने कोर्ट को बताया कि अब भोजन जेल मैनुअल के अनुसार दिया जा रहा है. कोर्ट के आदेश पर गृह सचिव और आईजी जेल ने राज्य के सभी जेलों से भोजन की गुणवत्ता की रिपोर्ट को लेकर शपथ पत्र दाखिल किया. सुनवाई के दौरान सरकार की ओर से बताया गया कि जेल में भोजन की गुणवत्ता में सुधार हुआ है और अब जेल मैनुअल के अनुसार कैदियों को खाना दिया जा रहा है.
कोर्ट ने कैदियों की सुविधा के लिए कैंटीन चलाने की अनुमति दी. साथ ही कहा कि जेल में भोजन की गुणवत्ता में कमी पर जेलर किसी भी अनियमितता के लिए जिम्मेदार होंगे. झालसा और डालसा के द्वारा जेल का निरीक्षण किया जाएगा. कोर्ट ने मामले में रांची डालसा के चेयरमैन और सेक्रेटरी को अचानक निरीक्षण कर रिपोर्ट देने का निर्देश दिया है. कोर्ट ने सभी डालसा चेयरमैन और सेक्रेटरी को जेल में भोजन की गुणवत्ता की जांच कर दो सप्ताह में रिपोर्ट पेश करने को कहा है. पूर्व जेलर दिवानाथ राम, जो सस्पेंड हैं, उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की वर्तमान स्थिति बताने को कहा गया है. मामले की अगली सुनवाई 11 दिसंबर को होगी.
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