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रांची/डेस्क: कांग्रेस की एक अहम बैठक संपन्न हुई, जिसमें आगामी राजनीतिक और संगठनात्मक कार्यक्रमों को लेकर व्यापक चर्चा की गई. बैठक में मनरेगा संग्राम, बीएलए (बूथ लेवल एजेंट) की नियुक्ति, निकाय चुनावों की रणनीति और पेशा नियमावली जैसे कई महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श हुआ.
प्रदेश कांग्रेस प्रभारी के. राजू ने बैठक के बाद बताया कि यह बैठक एक्सटेंडेड पॉलिटिकल अफेयर कमिटी के साथ विस्तारित कार्यसमिति की थी. उन्होंने कहा कि पार्टी ने आने वाले 12 महीनों की कार्ययोजना पर मंथन किया है. के. राजू के अनुसार, जल्द ही राज्य के सभी बूथों पर बीएलए की नियुक्ति कर ली जाएगी. वहीं, आगामी निकाय चुनावों में गठबंधन के तहत प्रमुख पदों पर आम सहमति बनाने पर विशेष जोर दिया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी प्रदेश अध्यक्ष को सौंपी गई है.
बैठक के दौरान पेशा नियमावली को लेकर पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष रामेश्वर उरांव ने कड़ा ऐतराज जताया. सूत्रों के अनुसार, उन्होंने बैठक में कहा कि नियमावली में गंभीर खामियां हैं और इसी तरह की त्रुटियों के कारण छत्तीसगढ़ में भूपेश बघेल सरकार को नुकसान उठाना पड़ा था, जिसके चलते कांग्रेस को आदिवासी सीटों पर हार का सामना करना पड़ा. रामेश्वर उरांव ने यह भी कहा कि यदि इस नियमावली के खिलाफ कोई न्यायालय का रुख करता है तो वह उसका समर्थन करेंगे.
बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में रामेश्वर उरांव ने कहा कि उन्होंने अपनी बात पार्टी फोरम में स्पष्ट रूप से रख दी है और नियमावली में मौजूद त्रुटियों को सुधारना जरूरी है. वहीं, रामेश्वर उरांव की आपत्तियों पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रदेश कांग्रेस प्रभारी के. राजू ने कहा कि छत्तीसगढ़ के संदर्भ में उठाई गई बात सही है, लेकिन झारखंड की स्थिति अलग है. उन्होंने स्पष्ट किया कि झारखंड में ग्राम सभा को पूर्ण अधिकार दिए गए हैं और यहां पेशा नियमावली में वैसी कोई समस्या नहीं है.
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