मुमताज अहमद/न्यूज11 भारत
खलारी/डेस्क: खलारी कोयलांचल इन दिनों उग्रवादी संगठन टीएसपीसी (तृतीय सम्मेलन प्रस्तुति कमेटी) के दो गुटों के बीच वर्चस्व की लड़ाई का अखाड़ा बनता जा रहा है. संगठन के अलग-अलग गुटों द्वारा जारी धमकी भरे पत्रों ने कोयला व्यवसायियों, ट्रांसपोर्टरों और स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल पैदा कर दिया है. यह स्थिति पुलिस-प्रशासन के लिए भी गंभीर चुनौती बन गई है.
बताया जा रहा है कि एक ओर सुदर्शन जी के नाम से जारी धमकी भरे पत्र ने क्षेत्र में खलबली मचा दी, वहीं दूसरी ओर टीएसपीसी गुट के विविशन जी द्वारा जारी एक अन्य पत्र ने इस वर्चस्व की लड़ाई को और खुलकर सामने ला दिया. दोनों गुटों द्वारा अपनी-अपनी पकड़ और प्रभाव दिखाने की कोशिश से कोयला कारोबार सीधे प्रभावित हो रहा है.
इस बीच, स्थिति की गंभीरता को देखते हुए गुरुवार को प्रशासन की कड़ी निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था के बीच डकरा कांटा घर को पुनः से चालू कराया गया. कांटा घर चालू होने से कोयला परिवहन आंशिक रूप से शुरू तो हुआ, लेकिन व्यवसायियों के मन में अब भी डर और असमंजस की स्थिति बनी हुई है. स्थानीय कोयला व्यवसायियों का कहना है कि लगातार मिल रही धमकियों और संगठन के अंदरूनी संघर्ष के कारण वे भय के माहौल में काम करने को मजबूर हैं. उन्हें अपनी सुरक्षा और कारोबार दोनों की चिंता सता रही है.
इधर, प्रशासन पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखने और कोयला कारोबार को सुरक्षित माहौल देने के लिए लगातार गश्ती और निगरानी बढ़ा दी गई है.
खलारी कोयलांचल में टीएसपीसी के दो गुटों के बीच चल रही यह वर्चस्व की जंग न सिर्फ संगठन की अंदरूनी लड़ाई को उजागर कर रही है, बल्कि इसका सीधा असर आम लोगों, मजदूरों और कोयला कारोबार पर भी पड़ रहा है. ऐसे में अब सभी की नजर प्रशासन की कार्रवाई और आगे की स्थिति पर टिकी हुई है.
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