भरत मंडल/न्यूज 11 भारत
गांडेय/डेस्क: गांडेय प्रखंड के अहिल्यापुर पंचायत अंतर्गत पांडेयडीह गांव स्थित प्रसिद्ध मां छिन्नमस्तिका मंदिर परिसर में रविवार को वार्षिक पूजा और भव्य मेले का आयोजन किया जाएगा. प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी माघ शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि (25 जनवरी) को माता की विशेष आराधना की जाएगी.
वाराणसी से डाक द्वारा आई थी प्रतिमा
इस मंदिर का इतिहास बेहद गौरवशाली और लगभग 150 वर्ष पुराना है. बताया जाता है कि करीब डेढ़ सदी पहले माता छिन्नमस्तिका की प्रतिमा वाराणसी से डाक (Post) के माध्यम से मंगवाई गई थी. जब प्रतिमा गिरिडीह मुख्य डाकघर पहुँची, तो पांडेयडीह के मिश्रा परिवार और ग्रामीणों ने कीर्तन-भजन करते हुए उसे वहां से लाया और मंदिर में स्थापित किया. शुरुआत में यह मंदिर मिट्टी और खपरैल का था, जो आज जनसहयोग से एक भव्य पक्के मंदिर का रूप ले चुका है.
मिश्रा परिवार की कुलदेवी हैं मां छिन्नमस्तिका
मंदिर के पुजारी सत्यनारायण मिश्रा ने बताया कि मां छिन्नमस्तिका गांव के मिश्रा परिवार की कुलदेवी हैं. यहाँ प्रतिदिन पूजा होती है, जबकि मंगलवार और शनिवार को विशेष आरती का विधान है. वार्षिक पूजा के अवसर पर गिरिडीह के अलावा देवघर, जामताड़ा और धनबाद जैसे पड़ोसी जिलों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु मत्था टेकने पहुँचते हैं.
सुरक्षा के कड़े इंतजाम, पुलिस ने किया निरीक्षण
मेले में सुरक्षा और विधि व्यवस्था बनाए रखने के लिए अहिल्यापुर पुलिस पूरी तरह मुस्तैद है. शनिवार को पुलिस टीम ने मंदिर परिसर का निरीक्षण किया और समिति को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए. प्रशासन द्वारा भीड़ को नियंत्रित करने के लिए बैरिकेडिंग की गई है. रविवार सुबह 4 बजे से रात 10 बजे तक पुलिस बल मेला स्थल पर तैनात रहेगा.
मेले में सजेंगी दुकानें
मेले को लेकर स्थानीय दुकानदारों में भारी उत्साह है. परिसर में मिठाई, बर्तन, कपड़े और मनिहारी की दर्जनों दुकानें लगाई गई हैं. आयोजन को सफल बनाने में अमर मिश्रा, अखिलेश्वर मिश्रा, अशोक मिश्रा, प्रकाश मिश्रा, चाहत मिश्रा, सोनू मिश्रा, संजय मिश्रा, बिपिन मिश्रा, बिनोद मिश्रा, राजन मिश्रा और सुशील मिश्रा सहित समस्त ग्रामीणों का महत्वपूर्ण योगदान रहता है.
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