भरत मंडल/न्यूज 11 भारत
गांडेय/डेस्क: गांडेय प्रखंड के विभिन्न क्षेत्रों में मौसम के अचानक बदले मिजाज ने भारी तबाही मचाई है. तेज आंधी, मूसलधार बारिश और भयंकर ओलावृष्टि ने किसानों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया है. इस बेमौसम प्राकृतिक आपदा के कारण खेतों में लगी फसलें पूरी तरह से बर्बाद हो गई हैं. जिससे क्षेत्र के अन्नदाता गहरे आर्थिक संकट में घिर गए हैं.
इस तबाही का सबसे दर्दनाक मंजर अहिल्यापुर पंचायत के टिटहीचापर गांव में देखने को मिला. यहाँ के निवासी किसान रंजीत प्रसाद बर्मा पर प्रकृति ने दोहरी मार की है. एक ओर जहाँ भारी ओलावृष्टि के कारण उनके खेत में लगी मूली, भिंडी और अन्य हरी सब्जियां पूरी तरह से नष्ट हो गईं. वहीं दूसरी ओर आंधी ने उनके बुनियादी ढांचे को भी नहीं बख्शा.
किसान रंजीत ने कृषि कार्यों और सिंचाई को बेहतर बनाने के लिए महज एक सप्ताह पहले ही पीएम कुसुम योजना के तहत पांच केभीए का सोलर प्लांट लगवाया था. तेज आंधी के थपेड़ों से यह नया सोलर प्लांट टूटकर पूरी तरह बिखर गया. अपनी आंखों के सामने फसल और प्लांट को बर्बाद होता देख किसान सदमे में हैं. पीड़ित किसान रंजीत प्रसाद बर्मा ने स्थानीय प्रशासन और सरकार से गुहार लगाई है कि जल्द से जल्द नुकसान का सर्वेक्षण कराकर उन्हें उचित मुआवजा दिया जाए.
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