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रांची/डेस्क: झारखंड में दलितों और आदिवासियों के साथ न्याय नहीं हो पा रहा है. इसके लिए राज्य की हेमंत सरकार जिम्मेदार है. केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने शुक्रवार को स्टेट गेस्ट हाउस में प्रेस कॉन्फ्रेंस को सम्बोधित करते हुए यह बात संवाददाताओं से कही. रामदास अठावले ने कहा कि शिबू सोरेन बहुत अच्छे नेता थे, लेकिन हेमंत सोरेन की सरकार में दलितों-आदिवासियों को न्याय नहीं मिल पा रहा है.
अठावले ने इसके अलावा झारखंड में जेपीएससी-जेएसएससी परीक्षा नियुक्ति प्रकरण पर राज्य सरकार की कार्रवाई पर उसे आड़े हाथों लिया. उन्होंने कहा कि जिनकी नियुक्ति में गड़बड़ी हुई है उनके बारे में निर्णय तो ठीक है, लेकिन जिन्होंने कोई गलती नहीं की है, उनको अगर नौकरी से निकाल दिया जाए तो यह बात भी ठीक नहीं है. कुछ लोग जंतर-मंत्र पर आरक्षण के विरोध में बैठे हैं उनका विचार सही नहीं है. प्रधानमंत्री जनगणना इसलिए कर रहे हैं कि कैसे आरक्षण का लाभ सही लोगों तक कानून के मुताबिक पहुंचे.
केन्द्रीय मंत्री ने राज्य में उद्योगों के विकास के लिए भी सलाह दी. उन्होंने कहा कि झारखंड सरकार को भी राज्य में उद्योग लाने का प्रयास करना चाहिए. इसके लिए भारत सरकार से भी सहयोग लेना चाहिए, झारखंड की जनता हमारी है, हम जनता के लिए काम करते हैं.
केन्द्रीय मंत्री ने महाराष्ट्र में चल रहे भाषा विवाद पर भी अपनी बात रखी. उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में प्रवासियों के लिए मराठी कंपलसरी नहीं होना चाहिए. यह हमारी पार्टी का विचार है.
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