प्रमोद कुमार/न्यूज़11 भारत
बरवाडीह/डेस्क: बरवाडीह पावर सबस्टेशन परिसर में चल रहे भवन मरम्मत कार्य को लेकर सवाल खड़े होने लगे हैं. स्थानीय लोगों का आरोप है कि परिसर के कई भवन काफी जर्जर स्थिति में हैं, लेकिन उनकी समुचित मरम्मत कराने के बजाय केवल रंग-रोगन और लीपापोती कर खानापूर्ति की जा रही है. इससे कार्य की गुणवत्ता और सरकारी राशि के उपयोग पर भी सवाल उठ रहे हैं.लोगों का कहना है कि मरम्मत कार्य किस योजना के तहत कराया जा रहा है, इसकी जानकारी न तो सार्वजनिक की गई है और न ही कार्यस्थल पर कोई योजना सूचना बोर्ड लगाया गया है.
ऐसे में कार्य की लागत, संवेदक का नाम, विभागीय स्वीकृति और कार्य अवधि जैसी महत्वपूर्ण जानकारियां लोगों को नहीं मिल पा रही हैं. इससे पूरे कार्य की पारदर्शिता पर प्रश्नचिह्न लग गया है.मामले को लेकर पश्चिमी क्षेत्र की जिला परिषद सदस्य संतोषी शेखर ने कड़ी नाराजगी जताई है. उन्होंने कहा कि मामला उनके संज्ञान में आया है और इसकी जांच कराई जाएगी. यदि जांच में किसी प्रकार की अनियमितता, लापरवाही या सरकारी धन के दुरुपयोग की पुष्टि होती है तो संबंधित संवेदक एवं जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.
उन्होंने कहा कि सरकारी पैसे की बंदरबांट किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी. विकास योजनाओं में पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित करना आवश्यक है. संतोषी शेखर ने यह भी कहा कि वह इस मुद्दे को जिला परिषद की आगामी मासिक बैठक में प्रमुखता से उठाएंगी और पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग करेंगी, ताकि जनता के पैसे का सही उपयोग सुनिश्चित हो सके तथा दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सके. क्षेत्र के लोगों को अब जांच और प्रशासनिक कार्रवाई का इंतजार है.
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