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रांची/डेस्क: झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए कहा कि दो हफ्ते से हमारे झारखंड के बच्चे आंदोलन कर रहे हैं. भूख हड़ताल कर रहा एक बच्चा गंभीर हालत में ICU में भर्ती है लेकिन सरकार बार-बार अलग-अलग संस्थाओं से बात करने के नाम पर मामले को भटकाने की कोशिश कर रही है. इस तरह से राज्य के युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. जेपीएससी और जेएसएससी की परीक्षाओं की तैयारी करने वाले हजारों-लाखों युवा वर्षों से मेहनत कर रहे हैं. लेकिन यहां पेपर लीक के साथ साथ पूरी प्रक्रिया में घोर अनियमितता हो रही है.
चंपाई सोरेन ने आगे कहा कि JPSC परीक्षा में धांधली साफ-साफ नजर आ रही है. जिस अभ्यर्थी ने 48 सवाल किए, वह पास हो गया. ब्लैकलिस्टेड कंपनी को ठेका दिया गया. OMR शीट में छेड़छाड़ हुई. अधिकारी और बिचौलिए गिरफ्तार हो रहे हैं, लेकिन असली गुनहगार अभी भी महलों में बैठे हुए हैं. यह कोई छोटा-मोटा अपराध नहीं, युवाओं के भविष्य की लूट है. JSSC CGL की पहली CID जांच प्रक्रिया में दावा किया गया कि नेपाल में लोगों को 135 प्रश्न रटाए गए थे, जिसमें से 120 सवाल लीक हो चुके थे. लेकिन सीआईडी ने पूरे मामले की लीपापोती कर दी. माननीय हाई कोर्ट तक को गुमराह किया. अब पता चल रहा है कि JPSC घोटाले का आरोपी अभय तिवारी इस परीक्षा का सेकेंड टॉपर है, उसके परिवार के कई लोग चुने गए हैं.
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि इसलिए छात्रों का विश्वास इस पूरी व्यवस्था पर से उठ चुका है. कल विधानसभा घेरने आ रहे सभी छात्रों से अपील है कि इसी प्रकार अनुशासित ढंग से आंदोलन को मुकाम तक पहुंचाएं. और अगर आपको इस प्रक्रिया में किसी भी तरह के मदद की आवश्यकता हो, तो हमारे दरवाजे आपके लिए हमेशा खुले हुए हैं. अगर राज्य सरकार आन्दोलनरत छात्रों को न्याय दिलवाने की मंशा रखती है तो, तुरंत हाल के वर्षों में हुई सभी संदिग्ध नियुक्ति प्रक्रियाओं को रद्द कर के, उनकी सीबीआई जांच का आदेश दे. झारखंड की युवा पीढ़ी के हक एवं अधिकार की इस लड़ाई में, भाजपा सड़क से लेकर सदन तक, उनके साथ खड़ी रहेगी.