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बहरागोड़ा/डेस्क: पूर्वी सिंहभूम जिला प्रशासन ने विलुप्त होने की कगार पर खड़ी आदिम जनजाति सबर और बिरहोरों के जीवन स्तर में सुधार लाने और उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के उद्देश्य से 'मिशन उत्थान' के तहत एक वृहत सर्वे अभियान की सार्थक शुरुआत की है. उपायुक्त राजीव रंजन के विशेष मार्गदर्शन में संचालित इस अभियान के तहत जमशेदपुर वीमेंस कॉलेज के विद्यार्थियों की टीम बहरागोड़ा प्रखंड की पारुलिया सबर बस्ती पहुंची, जहां उन्होंने प्रत्येक परिवार से सीधा संपर्क स्थापित कर उनकी सामाजिक-आर्थिक स्थिति का गहन मूल्यांकन किया. इस सर्वे के दौरान विद्यार्थियों ने न केवल आधार कार्ड, राशन कार्ड, वोटर आईडी और जॉब कार्ड जैसे आवश्यक दस्तावेजों की उपलब्धता की जांच की, बल्कि ग्रामीणों को स्वास्थ्य, स्वच्छता, पोषण और शिक्षा के प्रति जागरूक भी किया.
जिला प्रशासन का मुख्य लक्ष्य इस जमीनी सर्वे के आधार पर एक सटीक और समेकित डेटा तैयार करना है, ताकि सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे तौर पर अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाया जा सके. इस पहल के माध्यम से पीवीटीजी (PVTG) समुदाय की विशिष्ट आवश्यकताओं की पहचान कर उन्हें आवास, आय-सृजन और सामाजिक सुरक्षा की योजनाओं से आच्छादित करने का रोडमैप तैयार किया जा रहा है, जिससे उनकी आजीविका सशक्त हो सके और वे एक गरिमापूर्ण जीवन व्यतीत कर सकें. इस महत्वपूर्ण अवसर पर स्थानीय जनप्रतिनिधियों और प्रशासन के अधिकारियों की उपस्थिति ने जन-भागीदारी और अंतर-विभागीय समन्वय के प्रति सरकार के सकारात्मक दृष्टिकोण को और भी स्पष्ट किया है.
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