खनिज विधेयक संघीय ढांचे पर हमला, कॉरपोरेट घरानों को फायदा पहुंचाने की साजिश: केशव महतो कमलेश

MMDR Amendment Bill 2026

खनिज विधेयक संघीय ढांचे पर हमला, कॉरपोरेट घरानों को फायदा पहुंचाने की साजिश: केशव महतो कमलेश

केशव महतो कमलेश ने कहा कि खनिज संपदा जिस राज्य की जमीन से निकलती है, उस राज्य और वहां के लोगों का उसके लाभ पर पहला अधिकार होना चाहिए.

खनिज विधेयक संघीय ढांचे पर हमला कॉरपोरेट घरानों को फायदा पहुंचाने की साजिश केशव महतो कमलेश

न्यूज़11 भारत 
रांची/डेस्क:
झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष केशव महतो कमलेश ने लोकसभा में पेश किए गए Mines and Minerals (Development and Regulation) Amendment Bill, 2025 पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि यह विधेयक संघीय ढांचे को कमजोर करने और देश की खनिज संपदा को कॉरपोरेट घरानों के हित में इस्तेमाल करने की दिशा में उठाया गया कदम है. केशव महतो कमलेश ने कहा कि खनिज संपदा जिस राज्य की जमीन से निकलती है, उस राज्य और वहां के लोगों का उसके लाभ पर पहला अधिकार होना चाहिए. केंद्र सरकार राज्यों के अधिकारों को सीमित कर अपने हाथों में अधिक शक्तियां केंद्रित करना चाहती है, जो संविधान की संघीय भावना पर सीधा हमला है.

उन्होंने कहा कि इस विधेयक के जरिए बड़े कॉरपोरेट घरानों के लिए खनन क्षेत्र में रास्ता आसान किया जा रहा है. देश के प्राकृतिक संसाधन जनता की संपत्ति हैं, किसी चुनिंदा उद्योगपति या कॉरपोरेट समूह की जागीर नहीं. झारखंड जैसे आदिवासी बहुल राज्य में खनन का सीधा असर जल, जंगल और जमीन पर पड़ता है. इसलिए आदिवासियों और स्थानीय लोगों के अधिकारों तथा ग्राम सभाओं की भूमिका को कमजोर करने वाला कोई भी प्रयास कांग्रेस बर्दाश्त नहीं करेगी.

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जा सकता. खनन परियोजनाओं में स्थानीय समुदायों की सहमति, पर्यावरणीय सुरक्षा और विस्थापितों के अधिकार सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है. केशव महतो कमलेश ने नीलामी प्रक्रिया और राजस्व व्यवस्था में बदलाव पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि पारदर्शिता कम करने वाली किसी भी व्यवस्था से राज्यों के राजस्व हित प्रभावित हो सकते हैं. केंद्र सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिए कि इस विधेयक से राज्यों को क्या वास्तविक लाभ मिलेगा और खनिज संपदा से प्राप्त होने वाले राजस्व में राज्यों तथा स्थानीय समुदायों का उचित हिस्सा कैसे सुनिश्चित होगा.

उन्होंने कहा कि सरकार क्रिटिकल मिनरल्स, रोजगार और आत्मनिर्भरता की बात कर रही है, लेकिन आत्मनिर्भर भारत का मतलब राज्यों के अधिकार छीनना और प्राकृतिक संसाधनों का लाभ बड़े कॉरपोरेट घरानों को देना नहीं हो सकता. विकास ऐसा होना चाहिए जिसमें राज्य मजबूत हों, स्थानीय लोगों के अधिकार सुरक्षित हों और पर्यावरण की रक्षा हो. केशव महतो कमलेश ने कहा कि कांग्रेस इस कॉरपोरेट-परस्त और संघवाद विरोधी सोच का संसद से सड़क तक विरोध करेगी तथा झारखंड के जल, जंगल, जमीन और खनिज संपदा के अधिकारों की लड़ाई पूरी मजबूती से लड़ेगी.

यह भी पढ़ें- झारखंड के खनिज और राजस्व अधिकारों पर हमला बर्दाश्त नहीं, सदन से सड़क तक लड़ेंगे: डॉ. इरफान अंसारी

 

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