मुमताज अहमद/न्यूज11 भारत
खलारी/डेस्क: झारखंड के खलारी और पिपरवार कोयलांचल क्षेत्र में एक बार फिर उग्रवादी गतिविधियों की आहट से दहशत का माहौल है. उत्तरी–दक्षिणी छोटानागपुर सबजोनल कमेटी (तृतीय सम्मेलन प्रस्तुति कमेटी) के नाम से जारी एक कथित हस्तलिखित और टाइप किए हुए पर्चे ने एनके एरिया और पिपरवार एरिया के कोयला लिफ्टरों, डम्प संचालकों और व्यवसायियों के बीच भय पैदा कर दिया है. वायरल तस्वीर में पर्चे के साथ एक पिस्तौल और तीन जिंदा कारतूस प्रदर्शित कर सीधे तौर पर ‘फौजी कार्रवाई’ की चेतावनी दी गई है.
150 रुपये प्रति टन लेवी की मांग, काम बंद करने का फरमान
पर्चे में संगठन के नाम पर 4–5 महीने का बकाया लेवी तीन दिनों में जमा करने और आगे प्रति टन 150 रुपये देने का फरमान जारी किया गया है. साथ ही चिट्ठी पढ़ते ही सभी लिफ्टरों को काम बंद करने का निर्देश दिया गया है. चेतावनी दी गई है कि आदेश नहीं मानने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी. पर्चे पर 22 फरवरी 2026 की तिथि अंकित है और अंत में सुदर्शन जी का नाम लिखा गया है.
इस पर्चे के वायरल होने के बाद रोड सेल से कोयला ढुलाई और डम्प संचालन प्रभावित हो गया है, जिससे कोयला कारोबार से जुड़े लोगों में भारी दहशत है. कई व्यवसायियों और ट्रांसपोर्टरों ने सुरक्षा कारणों से काम रोक दिया है.
संगठन ने बताया फर्जी, निष्कासित लोगों पर लगाया आरोप
इधर, तृतीय सम्मेलन प्रस्तुति कमेटी की ओर से जारी बयान में इस पत्र को फर्जी बताते हुए संगठन से निष्कासित संजय उरांव उर्फ ऋषिकेश और साबिर अंसारी पर संगठन के नाम का दुरुपयोग कर गिरोह चलाने का आरोप लगाया गया है. संगठन ने कहा कि इसका इस तरह की उगाही और धमकी से कोई संबंध नहीं है.
प्रशासन की ढुलमुल कार्रवाई से बढ़ी चिंता
लगातार पर्चे, धमकी और काम बंद होने की घटनाओं के बावजूद स्थानीय पुलिस और प्रशासन की ओर से अब तक कोई ठोस कार्रवाई सामने नहीं आई है, जिससे कोयला व्यवसायियों, डम्प संचालकों और फाइनेंसरों में असुरक्षा की भावना और गहरा गई है.
हालांकि पुलिस ने वायरल पर्चे का संज्ञान लेकर जांच शुरू करने की बात कही है, लेकिन जमीन पर ठोस पहल नहीं दिखने से प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था और कार्यशैली पर सवाल उठने लगे हैं.
यह भी पढ़ें: सीएचसी बरवाडीह के लैब तकनीशियन अनवर अली का निधन, शोकसभा में नम आंखों से दो मिनट का मौन धारण कर दी गई श्रद्धांजलि