अरुण कुमार यादव/न्यूज11 भारत
गढ़वा/डेस्क: गढ़वा उपायुक्त पशुपतिनाथ मिश्रा के निर्देश पर आज गढ़वा समाहरणालय के सभागार में शहीद नीलाम्बर-पीताम्बर उत्तरी कोयल परियोजना (मंडल डैम) से प्रभावित विस्थापित परिवारों के पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन से संबंधित कार्यों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई. बैठक की अध्यक्षता अपर समाहर्ता विकास कुमार राय ने की. बैठक में मंडल डैम निर्माण से विस्थापित होने वाले परिवारों के लिए पुनर्वास स्थलों पर आवश्यक आधारभूत संरचनाओं के विकास कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई.
गत बैठक में दिए गए निर्देशों के अनुपालन संबंधी प्रतिवेदन का अवलोकन करते हुए अपर समाहर्ता ने अग्रेतर कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए तथा संबंधित पदाधिकारियों द्वारा प्रस्तुत प्रतिवेदनों की समीक्षा कर आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए. बैठक के दौरान पुनर्वास स्थलों पर समतलीकरण, सड़क निर्माण, सिंचाई व्यवस्था, तालाब, आंगनबाड़ी केन्द्र, सरना/मसना एवं पूजा स्थल, धुमकुड़िया भवन, स्वास्थ्य केन्द्र, विद्यालय, विद्युत आपूर्ति तथा पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाओं को शीघ्र पूर्ण करने पर विशेष बल दिया गया.
अपर समाहर्ता ने कहा कि पुनर्वास केवल विस्थापित परिवारों तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि पुनर्वास स्थलों एवं आसपास पहले से निवासरत ग्रामीणों को भी विकास की मुख्यधारा से जोड़ते हुए सड़क, पेयजल, स्वच्छता, स्वास्थ्य, शिक्षा, सिंचाई, श्मशान, मंदिर, तालाब, खेल मैदान सहित सभी मूलभूत एवं विकासपरक सुविधाओं का समग्र विकास सुनिश्चित किया जाए.मंडल डैम के डूब क्षेत्र से प्रभावित परिवारों के पुनर्वास के संदर्भ में रंका अंचल के मौजा विश्रामपुर तथा रमकंडा अंचल के मौजा बलिगढ़ स्थित पुनर्वास स्थलों पर आधारभूत संरचनाओं के विकास हेतु चिन्हित स्थलों पर तेजी से कार्य करने के निर्देश दिए गए. इसके अंतर्गत स्थल समतलीकरण, सड़क, सिंचाई, तालाब, आंगनबाड़ी केन्द्र, सरना/मसना/पूजा स्थल, धुमकुड़िया भवन, विद्युत एवं पेयजल जैसी सुविधाओं को प्राथमिकता के आधार पर विकसित करने की बात कही गई.
उपायुक्त के निर्देशों का हवाला देते हुए अपर समाहर्ता ने कहा कि पुनर्वास से जुड़े सभी निर्माण कार्यों के लिए तैयार की गई रूपरेखा को अब भौतिक रूप से धरातल पर उतारने की आवश्यकता है. इसके लिए आगामी चार दिनों के भीतर सभी प्रस्तावित निर्माण कार्यों का बजट प्राक्कलन तैयार कर समर्पित करने का निर्देश संबंधित विभागों को दिया गया, ताकि आवश्यक अग्रेतर कार्रवाई शीघ्र सुनिश्चित की जा सके. बैठक में वन अधिकार समिति की स्वीकृति तथा लैंड डायवर्शन से संबंधित प्रक्रियाओं को भी समयबद्ध तरीके से पूर्ण करने का निर्देश संबंधित पदाधिकारियों को दिया गया.
साथ ही परियोजना से संबंधित सभी लंबित सर्वेक्षण कार्यों को आगामी 4 जून तक शत-प्रतिशत एवं त्रुटिरहित रूप से प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया. अपर समाहर्ता ने परियोजना से जुड़े सभी पदाधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ कार्यों का निष्पादन शीघ्र पूरा करने पर बल दिया.बैठक में अनुमंडल पदाधिकारी गढ़वा संजय कुमार,अनुमंडल पदाधिकारी रंका मोहम्मद परवेज, जिला कल्याण पदाधिकारी धीरज प्रकाश, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी अर्चना सिन्हा, कार्यपालक अभियंता पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल, आरआईओ, आरसीडी, भवन प्रमंडल, विद्युत विभाग, भूमि संरक्षण पदाधिकारी, अंचल अधिकारी रंका सहित अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित थे.
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