संतोष श्रीवास्तव/न्यूज़11 भारत
पलामू/डेस्क: पलामू जिले में सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता करने के लिए पुलिस अधीक्षक रीष्मा रमेशन द्वारा दिए गए कड़े निर्देशों के आलोक में चलाए जा रहे एंटीक्राइम चेकिंग अभियान के दौरान शहर थाना पुलिस को एक बड़ी सफलता मिली है. 1 जनवरी की रात जब पुलिस की टीम कोयल नदी किनारे ओवरब्रिज के नीचे सघन जांच कर रही थी, तभी गिरिवर स्कूल की तरफ से एक युवक अपाची मोटरसाइकिल (JH14D 6668) पर सवार होकर आता दिखा. पुलिस बल को देख आरोपी ने बाइक घुमाकर भागने का प्रयास किया, लेकिन मुस्तैद जवानों ने उसे चारों तरफ से घेरकर पकड़ लिया. गिरफ्तार युवक की पहचान हुसैन नगर पहाड़ी मुहल्ला निवासी शाहरूख अली के रूप में हुई है. तलाशी के दौरान उसके पास से एक देशी कट्टा और दो जिंदा कारतूस बरामद किए गए.
पूछताछ के दौरान इस पूरे मामले में एक सनसनीखेज खुलासा हुआ कि पलामू में दहशत फैलाने के लिए बाहर से साजिश रची गई थी. जांच में पता चला कि आरोपी शाहरूख अली का सगा भांजा मोहम्मद आतिफ सीधे तौर पर धनबाद के कुख्यात गैंगस्टर प्रिंस खान के संपर्क में है. आतिफ ने ही प्रिंस खान के इशारे पर अपने मामा शाहरूख अली को शहर के एक प्रतिष्ठित स्वर्ण व्यवसायी पर फायरिंग करने का जिम्मा सौंपा था. इस खौफनाक वारदात को अंजाम देने के बदले में आतिफ ने अपने मामा को 30 हजार रुपये भी भेजे थे और उसे लगातार निर्देश दे रहा था. पुलिस की तत्परता ने इस बड़ी आपराधिक साजिश को हकीकत बनने से पहले ही पूरी तरह नाकाम कर दिया.
इस घटना के संबंध में जानकारी देते हुए पलामू एसपी रीष्मा रमेशन ने बताया कि एंटीक्राइम चेकिंग के कारण एक बड़ी वारदात टल गई है. उन्होंने स्पष्ट किया कि पकड़ा गया युवक अपने भांजे के माध्यम से गैंगस्टर प्रिंस खान के नेटवर्क से जुड़कर शहर के व्यवसायी को निशाना बनाने वाला था. एसपी ने बताया कि आरोपी के खिलाफ आर्म्स एक्ट सहित गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है. फिलहाल पुलिस की टीम मोहम्मद आतिफ की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही है और शाहरूख के मोबाइल रिकॉर्ड्स के आधार पर इस गिरोह के अन्य गुर्गों का पता लगाया जा रहा है ताकि जिले में अपराधियों के किसी भी नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त किया जा सके.
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