न्यूज11 भारत
पलामू/डेस्क: पलामू पुलिस ने एक बार फिर अपराधियों के मंसूबों पर पानी फेरते हुए बड़ी सफलता हासिल की है. हैदरनगर थाना क्षेत्र में सड़क निर्माण करा रही एक निजी कंपनी के कैंप पर गोलीबारी करने और रंगदारी वसूलने की साजिश को पुलिस ने नाकाम कर दिया है. पलामू के पुलिस अधीक्षक कपिल चौधरी ने प्रेस वार्ता कर इस पूरी कार्रवाई का खुलासा किया. उन्होंने बताया कि पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए कुख्यात राहुल सिंह गिरोह के चार सक्रिय अपराधियों को रंगे हाथ गिरफ्तार किया है, जो वारदात को अंजाम देने के लिए इकट्ठा हुए थे.
एन वक्त पर घेराबंदी कर दबोचे गए अपराधी
एसपी कपिल चौधरी ने बताया कि पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि राहुल सिंह गिरोह के शूटर डूअर्स कंस्ट्रक्शन कंपनी के वर्कशॉप पर रात में फायरिंग कर दहशत फैलाने और रंगदारी के लिए दबाव बनाने की योजना बना रहे हैं. मामले की गंभीरता को देखते हुए हुसैनाबाद के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी के नेतृत्व में हैदरनगर पुलिस की एक विशेष टीम बनाई गई. टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए संदिग्ध ठिकाने की घेराबंदी कर दी. पुलिस को देखकर अपराधियों ने भागने की कोशिश की, लेकिन मुस्तैद जवानों ने चारों को खदेड़कर पकड़ लिया.
लातेहार के रहने वाले हैं चारों आरोपी
पकड़े गए अपराधियों में विक्रांत सिंह उर्फ सिकराम सिंह,संतोष राम , मधुकांत प्रजापति और बिक्रम राम शामिल हैं. ये सभी आरोपी लातेहार जिले के रहने वाले हैं और गिरोह के इशारे पर पलामू में बड़ी वारदात करने आए थे. इनमें से मुख्य आरोपी विक्रांत सिंह का पुराना आपराधिक इतिहास भी रहा है.
पिस्तौल, जिंदा कारतूस और मिसफायर गोलियां बरामद
गिरफ्तार अपराधियों के पास से पुलिस ने एक काले रंग का पिट्ठू बैग बरामद किया है. इस बैग की तलाशी लेने पर दो 9 एमएम की पिस्तौल, दो जिंदा कारतूस, छह मिसफायर गोलियां और एक खाली मैगजीन मिली है. इसके अलावा पुलिस ने इनके पास से चार मोबाइल फोन भी जब्त किए हैं, जिससे ये अपने गैंग के सरगना से संपर्क में थे.
पूछताछ में कबूला जुर्म, भेजा जा रहा जेल
पुलिस की पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे राहुल सिंह के निर्देश पर ही निर्माण कंपनी के वर्कशॉप पर गोलीबारी कर कंपनी प्रबंधन को डराने और मोटी रकम वसूलने की साजिश रच रहे थे. इस मामले में हैदरनगर थाने में सुसंगत धाराओं के तहत केस दर्ज कर चारों को जेल भेजा जा रहा है. पुलिस अब इस गिरोह के पूरे नेटवर्क और वित्तीय मददगारों का पता लगाने में जुटी है.
यह भी पढ़ें: तेंदू पत्ता लदा पिकअप वाहन जब्त, जांच में जुटा वन विभाग