संतोष श्रीवास्तव/न्यूज़ 11भारत
पलामू/डेस्क: मानसून की धीमी रफ्तार और लगातार कम हो रही बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है. धान की रोपनी का समय निकलता जा रहा है, लेकिन पर्याप्त वर्षा नहीं होने से खेत सूखे पड़े हैं.हम बात कर रहे हैं पाण्डु प्रखंड की जहाँ कई किसानों ने बीज तैयार कर लिए हैं, फिर भी पानी के अभाव में रोपनी शुरू नहीं हो सकी है.
ग्रामीण क्षेत्रों में किसान आसमान की ओर टकटकी लगाए बारिश का इंतजार कर रहे हैं. जिन किसानों के पास सिंचाई की व्यवस्था नहीं है, उनकी मुश्किलें और बढ़ गई हैं. कम बारिश के कारण खेतों में नमी नहीं बन पा रही है, जिससे खरीफ फसलों की बुवाई और रोपाई प्रभावित हो रही है.
किसानों का कहना है कि यदि अगले कुछ दिनों में अच्छी बारिश नहीं हुई, तो उत्पादन पर गंभीर असर पड़ सकता है. इससे खेती की लागत बढ़ेगी और आर्थिक नुकसान की आशंका भी बढ़ जाएगी. कृषि विशेषज्ञों का भी मानना है कि समय पर पर्याप्त वर्षा नहीं होने से धान की पैदावार प्रभावित हो सकती है.
ग्रामीण इलाकों में किसान अब बेहतर मानसूनी बारिश की उम्मीद लगाए बैठे हैं, ताकि समय रहते रोपनी का कार्य पूरा हो सके और फसल को नुकसान से बचाया जा सके.
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