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कसमार/डेस्क: झारखंड एकेडमिक काउंसिल (JAC) द्वारा घोषित इंटरमीडिएट कला संकाय परीक्षा परिणाम में बोकारो जिले के कसमार प्रखंड की होनहार छात्रा छोटी कुमारी ने पूरे राज्य में पहला स्थान हासिल कर जिले और अपने परिवार का नाम रौशन किया है. उनकी इस शानदार सफलता से पूरे क्षेत्र में खुशी और गर्व का माहौल है.
उपायुक्त ने दी बधाई, कहा—यह पूरे जिले के लिए गर्व का क्षण-
उपायुक्त (डीसी) श्री अजय नाथ झा ने वीडियो संवाद के माध्यम से इंटरमीडिएट कला संकाय में स्टेट टॉपर बनी छोटी कुमारी को बधाई देते हुए कहा कि उनकी यह उपलब्धि पूरे जिले के लिए गर्व की बात है. उन्होंने कहा कि छोटी कुमारी ने अपनी मेहनत, लगन और अनुशासन से यह साबित कर दिया है कि सीमित संसाधन भी सफलता की राह में बाधा नहीं सकती. साथ ही उन्होंने आगे कहा कि ग्रामीण क्षेत्र की छात्रा का राज्य स्तर पर प्रथम स्थान प्राप्त करना अन्य विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा एवं अनुकरणीय है.
उपायुक्त श्री अजय नाथ झा ने उम्मीद जताई कि छोटी कुमारी आगे भी इसी तरह मेहनत कर उच्च शिक्षा के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छुएंगी और जिले का नाम रौशन करेंगी. साथ ही उन्होंने अभिभावकों और शिक्षकों को भी सराहना करते हुए कहा कि उनकी भूमिका इस सफलता में बेहद महत्वपूर्ण रही है. उन्होंने जिले के सभी विद्यार्थियों से छोटी कुमारी से प्रेरणा लेकर लक्ष्य के प्रति समर्पित रहने और कड़ी मेहनत करने की अपील की.
डीईओ ने दी बधाई, कहा कि अनुकरणीय है छोटी कुमारी की सफलता-
जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ) श्री जगरनाथ लोहरा ने इंटरमीडिएट कला संकाय में स्टेट टॉपर बनी छोटी कुमारी को हार्दिक बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि न सिर्फ बोकारो जिले बल्कि पूरे राज्य के लिए गौरव का विषय है. उन्होंने कहा कि छोटी कुमारी की मेहनत, अनुशासन और पढ़ाई के प्रति समर्पण अन्य विद्यार्थियों के लिए प्रेरणास्रोत है. सीमित संसाधनों के बावजूद उनका यह प्रदर्शन दर्शाता है कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और प्रयास निरंतर हो, तो कोई भी बाधा सफलता के रास्ते में आड़े नहीं आ सकती.
शानदार प्रदर्शन -
छोटी कुमारी ने इंटर आर्ट्स परीक्षा में 478 अंक प्राप्त कर स्टेट टॉपर बनने का गौरव हासिल किया. उनकी सफलता यह साबित करती है कि ग्रामीण क्षेत्र की छात्राएं भी मेहनत और लगन से बड़ी उपलब्धि हासिल कर सकती हैं.
साधारण परिवार से असाधारण उपलब्धि-
जानकारी के अनुसार छोटी कुमारी एक साधारण परिवार से आती हैं. उनकी पिता मजदूरी करते हैं. सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने कठिन परिश्रम, नियमित पढ़ाई और आत्मविश्वास के बल पर यह मुकाम हासिल किया. परिवार के सदस्यों और शिक्षकों का सहयोग उनकी सफलता में महत्वपूर्ण रहा.
पढ़ाई की रणनीति-
छोटी कुमारी ने अपनी पढ़ाई के दौरान समय का सही प्रबंधन किया. वे रोजाना नियमित पढ़ाई करती थीं और खासकर कमजोर विषयों पर अधिक ध्यान देती थीं. उनका मानना है कि लगातार अभ्यास और सही मार्गदर्शन ही सफलता की कुंजी है.
जिले में जश्न का माहौल-
उनकी सफलता पर स्कूल, गांव और पूरे बोकारो जिले में खुशी की लहर दौड़ गई. शिक्षकों, स्थानीय जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों ने उन्हें बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की.
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