खूंटी ज़िला के दिव्यांग झोंगो पाहन ने दुबई में लहराया परचम

खूंटी ज़िला के दिव्यांग झोंगो पाहन ने दुबई में लहराया परचम

खूंटी ज़िला के दिव्यांग झोंगो पाहन ने दुबई में लहराया परचम

संतोष मेहता/न्यूज़ 11 भारत 
खूंटी/डेस्कः-  
सुदूरवर्ती गांव सिल्दा के रहने वाले 17 वर्षीय झोंगो पाहन ने यह साबित कर दिया है कि यदि हौसला बुलंद हो तो कठिनाइयाँ भी सफलता की राह में सीढ़ी बन जाती हैं. झोंगो की यह उपलब्धि न केवल खूंटी बल्कि पूरे झारखंड राज्य के लिए गर्व का क्षण है. झोंगो पाहन एक साधारण किसान परिवार से आते हैं. उनके पिता छोटे किसान हैं और घर में पाँच भाई-बहन हैं. आर्थिक तंगी और शारीरिक दिव्यांगता दोनों ही उनके जीवन की बड़ी चुनौतियाँ थीं. लेकिन झोंगो ने हार मानने के बजाय इन चुनौतियों को अपनी ताकत बना लिया.

विद्यालय से शुरू हुआ अंतर्राष्ट्रीय सफर
वर्ष 2023 में झोंगो पाहन का नामांकन जिला मुख्यालय स्थित नेताजी सुभाषचंद्र बोस आवासीय विद्यालय में हुआ. यहीं से उनके जीवन की दिशा बदल गई. विद्यालय के प्रशिक्षक आशीष कुमार और दानिश अंसारी ने उन्हें बांस का धनुष थमाया और तीरंदाजी की बुनियादी शिक्षा प्रदान की. जनवरी 2025 में झोंगो ने जयपुर में आयोजित पैरा नेशनल तीरंदाजी प्रतियोगिता में रजत पदक जीतकर सबका ध्यान अपनी ओर खींचा. इस जीत ने ही अब उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व करने का अवसर प्रदान किया है.  

सफर में सबसे बड़ी चुनौती थी  आधुनिक तीरंदाजी उपकरण.
एक प्रोफेशनल धनुष की कीमत लगभग तीन लाख रुपये थी. इस कठिन परिस्थिति में कोच दानिश अंसारी ने अपने स्तर पर अभ्यास हेतु धनुष उपलब्ध कराया. उसी से झोंगो ने अथक मेहनत जारी रखी और इस महीने के शुरू में आयोजित भारतीय तीरंदाजी टीम के सेलेक्शन ट्रायल में चयनित हुए.

विद्यालय बना उम्मीद की किरण
झोंगो पाहन की सफलता केवल झोंगो की नहीं, बल्कि नेताजी सुभाषचंद्र बोस आवासीय विद्यालय की भी है, जहाँ झोंगो ने पहली बार तीरंदाजी थामा और अपने पहले स्कूल, फिर जिले, उसके बाद राज्य और अब देश के लिए पदक जीतने का सपना देखा. वर्ष 2023 में विद्यालय की प्राध्यापिका प्रतिमा देवी, कोच आशीष कुमार, दानिश अंसारी और प्रबंधन के आपसी सहयोग से स्कूल में तीरंदाजी प्रशिक्षण केंद्र की स्थापना हुई थी. आज यह केंद्र नक्सल प्रभावित, अनाथ और एकल अभिभावक परिवारों के 25 बच्चों के लिए उम्मीद की किरण बन चुका है. इनमें से 5 बच्चों ने राष्ट्रीय स्तर पर पदक जीते हैं, जबकि 2 बच्चों का चयन भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) में हुआ है.

 

संबंधित सामग्री

मैक्लुस्कीगंज गोलीकांड में दो और आरोपी गिरफ्तार, पूछताछ में कांड में संलिप्तता स्वीकार की

झारखंड

मैक्लुस्कीगंज गोलीकांड में दो और आरोपी गिरफ्तार, पूछताछ में कांड में संलिप्तता स्वीकार की

सड़क सुरक्षा महापंचायत-सह-जागरूकता कार्यक्रम का किया गया आयोजन

झारखंड

सड़क सुरक्षा महापंचायत-सह-जागरूकता कार्यक्रम का किया गया आयोजन

गावां में सरस्वती पूजा को लेकर शांति समिति की हुई बैठक, निर्धारित रूट से ही जुलूस निकालने का निर्देश, समय पर हो विसर्जन

झारखंड

गावां में सरस्वती पूजा को लेकर शांति समिति की हुई बैठक, निर्धारित रूट से ही जुलूस निकालने का निर्देश, समय पर हो विसर्जन

कुड़मी अधिकार महारैली को लेकर बगोदर में कुड़मी विकास मोर्चा की अहम बैठक, कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित

झारखंड

कुड़मी अधिकार महारैली को लेकर बगोदर में कुड़मी विकास मोर्चा की अहम बैठक, कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित

चाईबासा: मैत्री क्रिकेट में कसी हुई गेंदबाजी से आईपीपी ने 8 रनों से जीता मैच

झारखंड

चाईबासा: मैत्री क्रिकेट में कसी हुई गेंदबाजी से आईपीपी ने 8 रनों से जीता मैच