न्यूज़11 भारत
रांची/डेस्क: राज्यभर में दुकानों में खुलेआम कटे हुए बकरे और मुर्गे की बिक्री के खिलाफ दायर जनहित याचिका पर झारखंड हाईकोर्ट में सुनवाई हुई. चीफ जस्टिस तरलोक सिंह चौहान और जस्टिस राजेश शंकर की खंडपीठ ने सरकार से पूछा, "पशु वधशाला के लिए नियमावली बनी या नहीं".. नियमावली पर कोर्ट ने सरकार से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है.
कोर्ट ने मामले में रांची नगर निगम और राज्य सरकार से जानना चाहा कि हाईकोर्ट के एकल पीठ के साल 2023 के एक जजमेंट के तहत पशु वधशाला के लिए रूल एवं रेगुलेशन बनाए जाना था. जिसपर सरकार ने क्या किया. अधिवक्ता ने सरकार से इस पर इंस्ट्रक्शन लेने की बात कही. कोर्ट ने कहा कि प्रतीत होता है कि अब तक उस जजमेंट के आदेश का अनुपालन नहीं हुआ है.
मामले की अगली सुनवाई 12 दिसंबर को होगी. प्रार्थी श्यामानंद पांडेय ने जनहित याचिका दायर की है. जिसमें कहा है कि रांची शहर सहित राज्य में मीट विक्रेता बाहर खुले में कटे हुए बकरा और चिकन की बिक्री के लिए उसका प्रदर्शन करते हैं. जो एफआइसीसीआइ के रूल एंड रेगुलेशन के खिलाफ है. साथ ही सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन के विपरीत भी है.
ये भी पढ़ें- सिरम टोली फ्लाई ओवर रैंप मामले में पूर्व मंत्री गीताश्री उरांव और सरना समिति की याचिका खारिज