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रांची/डेस्क: गैंगस्टर अमन साहू के एनकाउंटर मामले की झारखंड हाईकोर्ट में सुनवाई हुई. कोर्ट ने सरकार से CID की केस डायरी मांगी है. सुनवाई में प्रार्थी के अधिवक्ता हेमंत सिकरवार ने कोर्ट को बताया कि मामले में दो केस होना चाहिए. क्योंकि पुलिस ने जो केस किया है, अमन साहू के भागने पर उनके एनकाउंटर करने के संदर्भ में किया है. जबकि अमन साहू की मां ने ऑनलाइन FIR में पुलिस पर जानबूझकर एनकाउंटर करने का आरोप लगाया है. लिहाजा मामले की जांच CBI से होनी चाहिए. अमन साहू की मां की ओर से किए गए ऑनलाइन FIR को पुलिस ने अबतक रजिस्टर नहीं किया है. सीआईडी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कोई जांच नहीं कर रही है. जानबूझकर इस मामले में देरी किया जा रहा है. मामले की अगली सुनवाई 7 जून को होगी.
वहीं, सरकार की ओर से महाधिवक्ता राजीव रंजन ने अमन की मां किरण देवी की ऑनलाइन FIR को लेकर कहा कि केस के संबंध में एक प्राथमिकी पुलिस की ओर से दर्ज की गई है, जिसकी जांच सीआईडी कर रही है. अमन की मां के द्वारा जिन बातों का उल्लेख किया गया है, उस पर भी जांच भी हो रही है. इसलिए मामले में दूसरी प्राथमिकी दर्ज करने की जरूरत नहीं है. अमन की मां किरण देवी की ओर से एनकाउंटर घटना की जांच सीबीआई से करने का आग्रह किया गया था, जिसपर कोर्ट ने संज्ञान लिया है. बता दें कि 11 मार्च 2025 को रायपुर से रांची लाए जाने के क्रम में अमन साहू का पलामू में पुलिस द्वारा एनकाउंटर किया गया था.
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