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रांची/डेस्क: सदन की कार्यवाही भोजनावकाश के लिए 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई हैं. अब दूसरी पाली में नगर विकास विभाग के अनुदान की मांग पर चर्चा होगी.
झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के नौवें दिन सदन की कार्यवाही शुरू होते ही कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हो रही हैं. कार्यवाही की शुरुआत में विधानसभा की ओर से टीम इंडिया को जीत के लिए बधाई दी गई. इसे देश के लिए गर्व का विषय बताया गया.
इसके बाद कांग्रेस विधायक दल के नेता प्रदीप यादव ने व्यवस्था के माध्यम से राज्य से UPSC परीक्षा पास करने वाले अभ्यर्थियों को भी सदन की ओर से बधाई देने की मांग रखी. इसके साथ ही कांग्रेस की ओर से अमेरिका से तेल लेने के लिए अनुमति से जुड़े मुद्दे पर भी सदन से इसकी निंदा प्रस्ताव लाने की मांग की गई.
प्रश्नकाल के दौरान मादक पदार्थों की खेती का मुद्दा उठा
प्रश्नकाल शुरू होने पर जेएमएम विधायक हेमलाल मुर्मू ने नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो द्वारा रिपोर्ट मांगे जाने का मामला उठाया. उन्होंने मादक पदार्थों की तस्करी में शामिल पुलिस कर्मियों और पदाधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की. हेमलाल मुर्मू ने सदन में कहा कि राज्य में करीब 27,015 एकड़ जमीन पर अफीम की खेती होने की बात सामने आई है और यह सवाल उठाया कि आखिर किसके सहयोग से इतनी बड़े पैमाने पर मादक पदार्थों की खेती हो रही है.
इस पर जवाब देते हुए मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने कहा कि जैसे ही मामले सामने आते है, अफीम की खेती को नष्ट कर दिया जाता है. उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में पुलिस की भूमिका की जांच भी की जाती है और यदि कोई पुलिस कर्मी दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी.
सारंडा में नक्सल ऑपरेशन पर भी उठा सवाल
वहीं जेडीयू विधायक सरयू राय ने सारंडा क्षेत्र में चल रहे नक्सल विरोधी अभियान का मुद्दा उठाया. उन्होंने सरकार से पूछा कि इस अभियान में पकड़े गए या मारे गए उग्रवादियों में किन-किन नक्सली संगठनों के प्रमुख नेताओं के नाम शामिल है. साथ ही यह भी सवाल किया कि सारंडा क्षेत्र कब तक नक्सल मुक्त होगा. इस पर मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने कहा कि सरयू राय की चिंता सरकार की भी चिंता है और क्षेत्र में लगातार अभियान चलाया जा रहा है. उन्होंने कहा कि नक्सलियों के खिलाफ जितनी कार्रवाई वर्तमान सरकार के दौरान हुई है, उतनी पहले कभी नहीं हुई.
बाबूलाल मरांडी ने बंगाल सरकार पर साधा निशाना
झारखंड के नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने पश्चिम बंगाल सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि 8 मार्च को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के दिन देश की सर्वोच्च संवैधानिक पद पर बैठी महिला का अपमान किया गया. बाबूलाल मरांडी ने कहा कि महामहिम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू किसी राजनीतिक कार्यक्रम में नहीं गई थीं, लेकिन जब वह कार्यक्रम स्थल पर पहुंचीं तो वहां राज्य की मुख्यमंत्री, मंत्री यहां तक कि जिला अधिकारी भी मौजूद नहीं थे. उन्होंने कहा कि यह घटना दर्शाती है कि वहां की सरकार संवैधानिक संस्थाओं का सम्मान नहीं कर रही है.
उन्होंने आगे कहा कि गिरिडीह के उपायुक्त के व्यवहार को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े हो रहे है. उन्होंने आरोप लगाया कि गिरिडीह के डीसी जिस तरह से सार्वजनिक तौर पर गाली-गलौज करते है, वह बेहद आपत्तिजनक है और इसके लिए उनसे सार्वजनिक रूप से माफी मंगवाई जानी चाहिए. नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि महिलाएं शांतिपूर्वक बैठकर अपना वेतन नहीं मिलने को लेकर प्रदर्शन कर रही थीं, लेकिन उनके साथ उचित व्यवहार नहीं किया गया. उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से आग्रह किया कि ऐसे बेलगाम अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाए. बाबूलाल मरांडी ने कहा कि यदि सरकार सार्वजनिक रूप से ऐसे अधिकारियों को दंडित करेगी, तभी भविष्य में कोई अधिकारी इस तरह का व्यवहार करने की हिम्मत नहीं करेगा.
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