अम्बर कलश तिवारी/न्यूज11 भारत
धनबाद/डेस्क: आईआईटी (आईएसएम) धनबाद अपनी गौरवशाली यात्रा के सौवें वर्ष में प्रवेश करते हुए शताब्दी स्थापना सप्ताह के भव्य शुभारंभ की तैयारियों में जुट गया है. 1926 में रॉयल स्कूल ऑफ माइंस, लंदन के मॉडल पर स्थापित इस संस्थान ने "इंडियन स्कूल ऑफ माइंस एंड एप्लाइड जियोलॉजी" के रूप में अपनी शुरुआत की थी. लॉर्ड इरविन की दूरदृष्टि और डेविड पेनमैन जैसे प्रारंभिक अग्रदूतों के मार्गदर्शन में बने इस संस्थान ने एक सदी में खनन शिक्षा से आगे बढ़ते हुए इंजीनियरिंग, भू-विज्ञान, ऊर्जा, कंप्यूटिंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, पर्यावरण विज्ञान और उभरते तकनीकी क्षेत्रों में देश के विकास हेतु महत्वपूर्ण योगदान दिया है.
शताब्दी स्थापना सप्ताह का शुभारंभ प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव डॉ. पी. के. मिश्र द्वारा किया जाएगा, जो इस अवसर के मुख्य अतिथि होंगे. डॉ. मिश्र की उपस्थिति इस बात को रेखांकित करती है कि राष्ट्रीय विज्ञान, तकनीक और औद्योगिक विकास में आईआईटी (आईएसएम) की भूमिका कितनी महत्वपूर्ण रही है. इस अवसर पर डीआरडीओ, ऊर्जा एवं खनन कंपनियों, सार्वजनिक प्रशासन, वैश्विक तकनीकी संगठनों तथा विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों से कई विशिष्ट जनप्रतिनिधि भी शामिल होंगे.
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