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रांची/डेस्क: झारखंड शराब घोटाला की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है. वैसे-वैसे सब सच निकल के सामने आ रहा है. बताया जा रहा है कि जांच में सामने आया है कि पूर्व उत्पाद सचिव आईएएस मनोज कुमार के बाद अब इस मामले में उत्पाद विभाग का जिम्मा संभाल चुके आईएएस मुकेश कुमार का नाम भी सामने आ रहा है. आईएएस मुकेश कुमार पर आरोप लगाया जा रहा है कि अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने ट्रांसफर और पोस्टिंग के बदले लाखों रुपये लिए हैं.
इस बात की जानकारी खुद उत्पाद विभाग को अधिकारी नयुक्त करने वाली एजेंसी विजन हॉस्पिटैलिटी सर्विस एंड कंसल्टेंट प्राइवेट लिमिटेड के अधिकारी नीरज सिंह ने दी है. उन्होंने रांची एसीबी कोर्ट के विशेष न्यायाधीश योगेश कुमार सिंह के आदेश पर रिमांड के दौरान ये जानकारी साझा की है. अधिकारी नीरज सिंह के द्वारा दिए गए बयान में यह साफ कहा गया है कि विजन कंपनी को बिल भुगतान के लिए कथित तौर पर 50 लाख रुपये लिए गए थे. वहीं शिव कुमार साहू और सुजीत कुमार से पोस्टिंग देने के लिए 40 लाख रुपये लिए गए थे.
वहीं अपनी बातों को आगे रखते हुए अधिकारी नीरज सिंह ने यह भी बताया कि विजन कंपनी के लंबित बिलों के भुगतान के लिए 35 लाख रुपये की अतिरिक्त राशि की भी वसूली की थी. अधिकारी नीरज सिंह से मिली इस जानकारी के बाद जांच टीम पूरे मामले को प्याज की परत की तरह परत दर परत खोलना शुरू कर दी है. वहीं जांच टीम का यह भी कहना है कि मामले में आगे भी कई बड़े नाम का आने की संभावना है.
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