न्यूज11 भारत
रांची/डेस्क: पारिवारिक सुरक्षा की मांग को लेकर दाखिल याचिका पर झारखंड हाई कोर्ट में सुनवाई हुई. कोर्ट ने राज्य सरकार को 2 सप्ताह में जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया. सत्येंद्र राम केस में अनुसंधानकर्ता और कॉम्प्लेंटकर्ट को दो सप्ताह में नोटिस करने के लिए समय दिया. सुनवाई में प्रार्थी का पक्ष अधिवक्ता रंजन कुमार ने रखा. सत्येंद्र राम पर एसटी-एससी का मुकदमा दर्ज था, जिस केस में सत्येंद्र राम साक्ष्य के अभाव में बरी हो चुके हैं. मामले के अनुसंधानकर्ता IO के व्यवहार और आचरण को लेकर इसकी शिकायत प्रार्थी ने DIG से की थी. जिसको लेकर झूठे केस में पूरे परिवार को फंसाने की धमकी दी जाने का आरोप अनुसंधानकर्ता पर लगाया है.
याचिका में कहा है कि जांचकर्ता जानबूझ कर प्रार्थी और इनके पूरा परिवार को झूठे केस में फंसाने का पूरा प्रयास कर रहा है. प्रार्थी के घर पर आकर धमकी भी दिया है कि आप मेरा खिलाफ उप महानिरीक्षक (Deputy Inspector General ) को शिकायत किए थे इसलिए मैं भी आपको नहीं छोडूंगा और किसी न किसी केस में आपको और आपके पूरे परिवार को फंसा दूंगा, चाहे इसके लिए मुझे कुछ भी करना पड़े. इतना ही नहीं सत्येंद्र राम (केस जांचकर्ता) बार-बार प्रार्थी के घर आकर धमकी देता है और प्रार्थी और अपने पद का दुरुपयोग कर इनके परिवार के अन्य सदस्यों के खिलाफ झूठा सबूत तैयार कर रहा है. जिसको लेकर प्रार्थी ने याचिका दाखिल कर कोर्ट से पारिवारिक सुरक्षा की मांग की है.
ये भी पढ़ें- एयर एम्बुलेंस हादसे को लेकर RED BIRD AIRWAYS PVT LTD के मालिक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज