नंदकिशोर कुमार/न्यूज11 भारत
गुमला/डुमरी: ककड़ोलता आदिवासी धार्मिक स्थल पर 23 जनवरी को आयोजित होने वाले राज्यकीय मेले की तैयारियों को लेकर शनिवार को टांगरडीह ग्राम स्थित झखरकुंबा भवन परिसर में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई. बैठक की अध्यक्षता वरिष्ठ अगुवा जगरनाथ भगत ने की.
बैठक में मुख्य रूप से मोहरलाल उरांव ने आगामी राज्यकीय मेले के कार्यक्रम की रूपरेखा पर विस्तार से प्रकाश डाला. उन्होंने कहा कि ककड़ोलता आदिवासी धार्मिक स्थल पर लगने वाला यह राज्यकीय मेला हम सभी आदिवासियों के लिए गौरव और आस्था का विषय है. इस वर्ष मेले को पहले से अधिक भव्य और सुव्यवस्थित तरीके से आयोजित करने का निर्णय लिया गया है. इसके लिए धार्मिक स्थल की विशेष सजावट, साफ-सफाई एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान दिया जाएगा.
मोहरलाल उरांव ने आगे बताया कि इस राज्यकीय मेले की सफलता में प्रखंड क्षेत्र के सभी गांवों की अहम भूमिका होगी. मेले में आने वाले अतिथियों और श्रद्धालुओं के स्वागत की जिम्मेदारी अलग-अलग गांवों को सौंपी जाएगी, ताकि सभी लोग इस आयोजन से जुड़ सकें और सामूहिक भागीदारी सुनिश्चित हो सके. बैठक में उपस्थित ग्रामीणों ने सर्वसम्मति से यह भरोसा दिलाया कि उन्हें जो भी जिम्मेदारी दी जाएगी, उसका वे पूरी निष्ठा और उत्साह के साथ निर्वहन करेंगे. साथ ही 23 जनवरी को आयोजित होने वाले कार्यक्रमों की विस्तृत जानकारी भी साझा की गई, जिसमें धार्मिक अनुष्ठान, पारंपरिक पूजा-पाठ, सांस्कृतिक कार्यक्रम और अन्य आयोजन शामिल हैं. जगरनाथ भगत ने कहा कि यह राज्यकीय मेला आदिवासी संस्कृति, परंपरा और एकता को मजबूत करने का अवसर है और सभी लोग मिलकर इसे ऐतिहासिक रूप से सफल बनाएंगे.
इस अवसर पर जितिया उरांव, अकलू भगत, बीरेंद्र भगत, पदुमन भगत, सुनील उरांव, रामेश उरांव, वासुदेव भगत, मीना देवी, ममता देवी, लीलावती देवी, अनुपा खलखो, आदि उपस्थित थे.
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