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रांची/डेस्क: शादी का वादा कर धोखा देने के आरोप में आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में ट्रायल का सामना कर रहे पंचानन मुंडा को कोर्ट से राहत मिली हैं. अपर न्याययुक्त अरविंद कुमार की अदालत साक्ष्य के अभाव में पंचानन को बरी कर दिया.
क्या है मामला?
सिकिदरी थाना क्षेत्र में दर्ज इस केस के अनुसार, अनगड़ा थाना क्षेत्र के लमकाबेड़ा गांव की 23 वर्षीय ज्योति कुमारी का प्रेम संबंध चन्द्रटोली निवासी पंचानन मुंडा से था. पंचानन ने ज्योति से शादी का वादा किया था, लेकिन बाद में उसने किसी अन्य लड़की से विवाह करने का निर्णय ले लिया और ज्योति से बातचीत बंद कर दी. इसके बाद ज्योति गहरे मानसिक तनाव से गुजरने लगी.
परिजनों का आरोप था कि इसी दौरान पंचानन के द्वारा उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित भी किया जा रहा था. तनाव बढ़ने के बीच 3 जून 2023 को ज्योति घर से बिना बताए निकल गई. परिवार उसकी तलाश में जुटा ही था कि 6 जून को सूचना मिली कि सिकिदरी थाना क्षेत्र के लघुपटुंगरी आगरतोली के पास एक युवती ने फांसी लगा ली है. मौके पर पहुंचे परिजनों ने शव की पहचान ज्योति के रूप में की. इसके बाद ज्योति के पिता ने पंचानन मुंडा के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी, जिसमें शादी से मुकरने और मानसिक प्रताड़ना के कारण उनकी बेटी को आत्महत्या के लिए मजबूर करने का आरोप लगाया गया था.
लंबी सुनवाई के बाद अदालत ने कहा कि अभियोजन पक्ष आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप को साबित करने में विफल रहा. ठोस साक्ष्य न मिलने के कारण पंचानन मुंडा को सभी आरोपों से बरी कर दिया गया.
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