पंकज कुमार/न्यूज11 भारत
घाघरा/डेस्क: घाघरा प्रखंड अंतर्गत घाघरा पंचायत में कार्यरत ग्रामीण रोजगार सेवक बिफेश भगत का रविवार को निधन हो गया. वे लंबे समय से उच्च रक्तचाप से पीड़ित थे. परिजनों के अनुसार तबीयत बिगड़ने के बाद उनकी स्थिति जॉन्डिस में बदल गई, लेकिन आर्थिक तंगी और समय पर समुचित इलाज नहीं मिल पाने के कारण उनकी मौत हो गई.
परिवार का आरोप है कि बिफेश भगत को पिछले छह माह से मानदेय का भुगतान नहीं किया गया था. नियमित आय बंद होने से घर की आर्थिक स्थिति चरमरा गई थी, जिसके चलते उनका इलाज प्रभावित हुआ. परिजनों का कहना है कि यदि समय पर भुगतान और इलाज की व्यवस्था होती, तो शायद उनकी जान बचाई जा सकती थी.
मृतक की पत्नी सावित्री भगत घाघरा प्रखंड के तिलसिरी गेरेटोली में आंगनबाड़ी सेविका के रूप में कार्यरत हैं. विडंबना यह है कि उन्हें भी पिछले छह माह से मानदेय नहीं मिला है. पति की असामयिक मृत्यु के बाद परिवार पर गहरा आर्थिक और मानसिक संकट मंडरा रहा है. घर में छोटे बच्चों की जिम्मेदारी और रोजमर्रा के खर्च की चिंता अब उनके सामने बड़ी चुनौती बनकर खड़ी है.
इस घटना ने सरकारी योजनाओं में कार्यरत जमीनी स्तर के कर्मियों को समय पर मानदेय नहीं मिलने की समस्या को फिर उजागर कर दिया है. स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों ने प्रशासन से पीड़ित परिवार को तत्काल आर्थिक सहायता, बकाया मानदेय का शीघ्र भुगतान तथा भविष्य में ऐसी लापरवाही रोकने के लिए ठोस व्यवस्था करने की मांग की है.
ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय पर मेहनताना मिले और कर्मियों की समस्याओं पर संवेदनशीलता दिखाई जाए, तो इस तरह की दुखद घटनाओं से बचा जा सकता है.
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