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रांची/डेस्क: राजधानी रांची के जगन्नाथपुर थाना क्षेत्र के पुंदाग में करोड़ों रूपए की जमीन धोखाधड़ी का मामला सामने आया हैं. आरोप है कि एक व्यक्ति ने खुद को जमीन का वैध मालिक बताकर बिल्डर के साथ एग्रीमेंट किया और बाद में यह खुलासा हुआ कि जमीन वर्षों से कानूनी विवाद में फंसी हुई थी. मामले में बिल्डर की शिकायत पर आरोपी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली गयी हैं.
दर्ज प्राथमिकी में बताया गया है कि आरोपी जेम्स कुमार कश्यप ने पुंदाग स्थित 64 डिसमिल जमीन को अपनी संपत्ति बताते हुए 19 जनवरी 2019 को ओम शांति डेवलपर्स के साथ एग्रीमेंट किया था. इस जमीन पर राज किशोर रेसीडेंसी बनाने के लिए एग्रीमेंट किया गया था. आरोपी ने लिखित रूप से भरोसा दिया था कि जमीन पूरी तरह से सही और कर्ज मुक्त हैं. बिल्डर ने उस पर भरोसा कर रांची नगर निगम से नक्शा पास कराया और एयरपोर्ट अथॉरिटी से एनओसी भी ले ली.
शिकायत के अनुसार, बिल्डर सुधांशु नारायण वर्मा ने इस प्रोजेक्ट में करीब पौने दो करोड़ रुपये का निवेश कर चुके थे. इसी बीच साल 14 अप्रैल 2022 को अचानक पुंदाग ओपी प्रभारी ने कोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए निर्माण कार्य आर रोक लगा दिया. इसके बाद जब जमीन की कानूनी स्थिति की जांच की गई तो चौंकाने वाले तथ्य सामने आए. छानबीन करने पर पता चला कि उक्त जमीन पर वर्ष 2009 से ही दीवानी मुकदमा (P.S 84/2009) चल रहा था, जिसका फैसला 2017 में जेम्स कुमार कश्यप के पिता राज किशोर साहू के खिलाफ आ चुका था. इसके बाद मामला झारखंड हाईकोर्ट (FA-427 of 2018) में लंबित था, जिसे आरोपी ने जानबूझकर छिपाया.
इसके अलावा आरोपी जेम्स कुमार कश्यप ने न केवल बिल्डर को ठगा, बल्कि मालिकाना हक न होने के बावजूद फर्जी दस्तावेजों के आधार पर 06 जुलाई 2020 को रांची क्षेत्रीय विकास प्राधिकार (RRDA) के पक्ष में 0.78 डिसिमल जमीन का गिफ्ट डीड भी बना दिया. प्राथमिकी दर्ज होने के बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी हैं.
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